अहमदाबाद-लंदन फ्लाइट हादसे में बांसवाड़ा की डॉ. कोनी व्यास और उनके तीन बच्चो की मौत

पल पल राजस्थान – हर्ष जैन

बांसवाड़ा। अहमदाबाद से लंदन जा रही इंटरनेशनल फ्लाइट में हुए दर्दनाक हादसे में उदयपुर की एक और दुखद खबर सामने आई है। पैसिफिक मेडिकल कॉलेज, उमरड़ा में कार्यरत डॉ. कोनी व्यास और उनके तीन बच्चे भी इस फ्लाइट में सवार थे। हादसे के बाद पूरे मेडिकल कॉलेज और बांसवाड़ा जिले में शोक की लहर दौड़ गई है। डॉ. कोनी व्यास मूल रूप से बांसवाड़ा की रहने वाली थीं। परिजनों के अनुसार, बीते दो महीने से वे अपने पति प्रदीप व्यास के साथ बांसवाड़ा में ही रह रही थीं। उनके तीन बच्चे – मिराया, प्रद्युत और नकुल – भी उनके साथ ही थे। बच्चों की उम्र कम होने और वीजा संबंधी अड़चनों के चलते वे पहले यात्रा नहीं कर सकते थे। बताया जा रहा है कि वीजा प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही कोनी व्यास अपने बच्चों को लेकर लंदन जा रही थीं, जहां परिवार लंबे समय से बसने की योजना बना रहा था। लेकिन अहमदाबाद-लंदन फ्लाइट हादसे ने इस परिवार के सपनों को चकनाचूर कर दिया। फिलहाल प्रशासन और संबंधित एजेंसियों की ओर से मृतकों की पहचान और संपर्क की प्रक्रिया जारी है। अस्पताल प्रशासन और उनके सहयोगियों ने गहरा शोक जताया है। पैसिफिक मेडिकल कॉलेज, उमरड़ा के डीन और स्टाफ ने डॉ. कोनी के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है और उन्हें एक समर्पित डॉक्टर और संवेदनशील व्यक्तित्व बताया है। संस्थान द्वारा एक श्रद्धांजलि सभा आयोजित की जाएगी। इस हादसे ने न केवल एक परिवार को उजाड़ दिया, बल्कि मेडिकल जगत को भी एक होनहार चिकित्सक से वंचित कर दिया

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