सलूंबर में चुनावी रण हुआ ग्लैमरस! दो आदिवासी मॉडल आमने-सामने, जया मीणा के देसी अंदाज पर दिव्यानी कटारा का तीखा वार

राजस्थान के पंचायतीराज चुनाव में सलूंबर की सियासत इन दिनों किसी फिल्मी मुकाबले से कम नजर नहीं आ रही। यहां विकास और मुद्दों के साथ दो ग्लैमरस आदिवासी महिला चेहरों की सियासी अदावत भी खूब सुर्खियां बटोर रही है। एक तरफ भाजपा की डॉ. जया मीणा तो दूसरी तरफ यूथ कांग्रेस की राष्ट्रीय प्रवक्ता डॉ. दिव्यानी कटारा। दोनों ही मॉडलिंग की दुनिया से राजनीति में आईं और अब एक-दूसरे के राजनीतिक अंदाज पर निशाना साध रही हैं। चुनाव प्रचार के दौरान भाजपा की डॉ. जया मीणा का देसी अंदाज सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुआ। कभी गांवों में महिलाओं के बीच बैठकर बातचीत, कभी ग्रामीणों के साथ रोटियां खाते हुए तस्वीरें तो कभी गाड़ियों के लंबे काफिले के साथ शक्ति प्रदर्शन। जया मीणा ने अपने प्रचार में आदिवासी संस्कृति, पारंपरिक वेशभूषा और ग्रामीणों के बीच अपनी मौजूदगी को खास तौर पर दिखाया। उनकी तस्वीरें और वीडियो लगातार चर्चा में रहे। लेकिन मतदान के दिन कांग्रेस की डॉ. दिव्यानी कटारा ने ऐसा वीडियो जारी किया कि सलूंबर का सियासी पारा चढ़ गया। दिव्यानी ने किसी का नाम तो नहीं लिया, लेकिन उनका निशाना किस तरफ था, इसकी चर्चा राजनीतिक गलियारों में शुरू हो गई। उन्होंने अपील करते हुए कहा कि चुनाव के समय कुछ लोग आपके घर आकर रोटियां बनाने का नाटक कर रहे हैं और आपकी तरह वेशभूषा पहनकर अपने जैसा बनने की कोशिश कर रहे हैं। ऐसे लोगों को पहचानने की जरूरत है। दिव्यानी ने स्थानीय आदिवासियों को आगे लाने की बात कहते हुए बाहरी आदिवासियों से सावधान रहने की अपील की। उन्होंने कहा कि स्थानीय लोगों के अधिकारों की रक्षा के लिए मतदाताओं को सोच-समझकर अपने वोट का इस्तेमाल करना चाहिए। साथ ही कांग्रेस के पक्ष में मतदान करने की अपील भी की। दिव्यानी के इस बयान को भाजपा की जया मीणा के चुनाव प्रचार के अंदाज पर सीधा राजनीतिक हमला माना जा रहा है। हालांकि जया मीणा की ओर से इस बयान पर कोई सीधा पलटवार सामने नहीं आया। वह अपने समर्थकों के साथ मतदान केंद्रों पर पहुंचकर लोगों से लोकतंत्र के इस पर्व में भागीदारी निभाने की अपील करती नजर आईं। गौरतलब है कि दोनों महिला नेताओं के बीच सोशल मीडिया पर पहले भी कई बार आरोप-प्रत्यारोप का दौर देखने को मिला है। दोनों आदिवासी समाज से आती हैं और मॉडलिंग की दुनिया में अपनी पहचान बनाने के बाद राजनीति में सक्रिय हुई हैं। दिव्यानी कटारा को ‘ट्राइबल गर्ल’ के नाम से भी पहचान मिली है। वह फिल्म ‘लव आजकल 2’ में भी नजर आ चुकी हैं और सामाजिक कार्यों के लिए ‘राहत द हेल्पिंग हैंड’ संस्था के जरिए सक्रिय रहती हैं।
अब सलूंबर के चुनावी मैदान में मुकाबला सिर्फ राजनीतिक दलों का नहीं, बल्कि दो चर्चित चेहरों की प्रतिष्ठा का भी बन गया है। एक तरफ जया मीणा का देसी अंदाज और मजबूत प्रचार अभियान है, तो दूसरी तरफ दिव्यानी कटारा का बाहरी बनाम स्थानीय का सियासी वार। अब असली फैसला सलूंबर की जनता के हाथ में है। सवाल यही है कि देसी अंदाज भारी पड़ेगा या दिव्यानी का तीखा सियासी वार?

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