उदयपुर, 26 अक्टूबर: प्रभा खेतान फाउंडेशन की साहित्यिक पहल ‘कलम – अपनी भाषा अपने लोग‘ के अंतर्गत होटल रेडिसन ब्लू उदयपुर पैलेस रिसॉर्ट एंड स्पा में एक विचारोत्तेजक साहित्यिक सत्र का आयोजन किया गया। इस सत्र में देश के जाने-माने कवि एवं गीतकार आलोक श्रीवास्तव मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान उदयपुर की ‘एहसास वुमन’ रिद्धिमा दोषी और आलोक श्रीवास्तव के बीच साहित्य, संस्कृति और जीवन के विभिन्न पहलुओं पर आत्मीय एवं सार्थक संवाद हुआ।
संवाद के दौरान आलोक श्रीवास्तव ने रचनात्मकता, आध्यात्मिकता और पठन-पाठन (किताबें पढ़ने) के महत्व पर अपने विचार साझा किए। इस चर्चा में शायरी की तासीर, रचनात्मक अभिव्यक्ति में व्यक्तिगत अनुभवों व भावनाओं की भूमिका, पीढ़ियों के साथ बदलते रिश्तों के मायने तथा साहित्य और सिनेमा के अटूट संबंध पर विस्तार से विमर्श हुआ।
श्रोताओं के साथ रूबरू होते हुए उन्होंने इस बात को रेखांकित किया कि किस तरह कविता और साहित्य मानवीय संवेदनाओं को सहेजते हैं, सांस्कृतिक पहचान को समृद्ध करते हैं और रोजमर्रा की जिंदगी व रिश्तों को एक गहरी दृष्टि प्रदान करते हैं।
सत्र के अंत में साहित्य में उनके अमूल्य योगदान और प्रेरक संवाद के प्रति आभार व्यक्त करते हुए रिद्धिमा दोषी एवं श्रद्धा मुर्डिया ने आलोक श्रीवास्तव को स्मृति-चिह्न भेंट कर सम्मानित किया।
कविता, भाषा, संस्कृति और मानवीय जज़्बातों का यह संगम उपस्थित श्रोताओं के दिलों पर अमिट छाप छोड़ गया।
रेडिसन ब्लू उदयपुर पैलेस रिसॉर्ट एंड स्पा द्वारा इस प्रतिष्ठित साहित्यिक आयोजन की सफल मेजबानी, कला, संस्कृति और बौद्धिक गतिविधियों को प्रोत्साहित करने की उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाती है। वहीं, प्रभा खेतान फाउंडेशन ‘कलम – अपनी भाषा अपने लोग’ जैसी पहलों के माध्यम से भारतीय भाषाओं और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को निरंतर बढ़ावा दे रहा है।
