भीलवाड़ा में मिट्टी को सोना बताकर 21 लाख की ठगी, परिवार को झांसे में लेकर ऐंठे रुपए और गहने

भीलवाड़ा। शहर के गांधीनगर थाना क्षेत्र में ठगी का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। आरोप है कि हरियाणा के एक व्यक्ति ने भीलवाड़ा के एक परिवार से जान-पहचान बढ़ाकर मिट्टी और कंकर को सोना बताकर 21 लाख रुपए की ठगी कर ली। आरोपी ने पहले परिवार का विश्वास जीता और फिर सस्ते में सोना दिलाने का लालच देकर उन्हें अपने जाल में फंसा लिया।

मामले की शिकायत बाबा धाम के पास रहने वाले जगदीश प्रजापत ने गांधीनगर थाने में दर्ज कराई। पुलिस ने जांच के बाद फरीदाबाद से दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

पहले घी बेचकर बनाया विश्वास

जगदीश के अनुसार करीब एक महीने पहले उसकी पहचान हरियाणा निवासी वारिस से हुई थी। वारिस ने बताया कि वह भैंसों का व्यवसाय करता है और भैंसों की खरीद-बिक्री के सिलसिले में भीलवाड़ा आता रहता है।

इसी दौरान उसने बताया कि वह किसी व्यक्ति के लिए देसी घी लेकर आया था, लेकिन संबंधित व्यक्ति किसी जरूरी काम से बाहर चला गया है। इसलिए वह घी बेचना चाहता है। जगदीश ने उससे घी खरीद लिया।

इसके बाद वारिस का जगदीश के घर आना-जाना शुरू हो गया। वह कभी चावल तो कभी अन्य सामान लेकर आता और परिवार के लोगों से घुल-मिल गया।

मां को बहन बनाकर परिवार में घुल-मिल गया

पुलिस के अनुसार आरोपी ने धीरे-धीरे परिवार का विश्वास हासिल किया। उसने जगदीश की मां को अपनी बहन बना लिया और परिवार के सदस्य की तरह घर आने-जाने लगा।

इसी दौरान उसने जगदीश को एक कथित व्यक्ति के बारे में बताया, जो बैंक से रिटायर हुआ है और उसके पास सोने वाली मिट्टी और कंकर हैं। आरोपी ने दावा किया कि इस मिट्टी को गलाने पर सोने की डली निकलती है और वह बाजार से कम कीमत पर यह सोना उपलब्ध करा सकता है।

सुनार को दिखाया तो कुछ कंकड़ सोना निकले

आरोपी की बातों में आकर जगदीश ने मिट्टी में से कुछ कंकड़ लेकर सुनार से जांच करवाई। शुरुआती जांच में वे कंकड़ सोने के निकले। इससे परिवार को आरोपी की बात पर भरोसा हो गया।

वारिस ने कहा कि उसके पास और भी सोने वाली मिट्टी है और वह बाद में लेकर आएगा। इसके बाद परिवार ने उसे खरीदने के लिए रुपए जुटाने शुरू कर दिए।

बताया गया कि परिवार ने परिचितों से रुपए लिए और पर्सनल लोन तक लिया। रकम पूरी नहीं होने पर परिवार के गहने भी रुपए के साथ जुटाए गए।

21 लाख रुपए और गहने लेकर थमा दी मिट्टी

कुछ दिन बाद वारिस दोबारा आया और अपने साथ मिट्टी का ढेर लेकर आया। उसने इसे सोने वाली मिट्टी बताया। जगदीश ने फिर थोड़ी मिट्टी लेकर सुनार से जांच करवाई। शुरुआती तौर पर सोना निकलने के बाद परिवार को पूरा विश्वास हो गया।

इसके बाद परिवार ने आरोपी को 21 लाख रुपए और सोने के गहने दे दिए। आरोपी बदले में मिट्टी का ढेर छोड़कर वहां से चला गया।

लेकिन आरोपी के जाने के बाद परिवार को शक हुआ। उन्होंने दोबारा मिट्टी का नमूना सुनार को दिखाया। इस बार जांच में सामने आया कि मिट्टी में सोना नहीं था। परिवार को ठगी का एहसास हुआ और उन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।

पुलिस ने फरीदाबाद से दो आरोपियों को पकड़ा

गांधीनगर थाना प्रभारी पुष्पा कसौटिया के अनुसार शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने तकनीकी आधार पर जांच शुरू की। जिस मोबाइल नंबर और सिम से आरोपी ने संपर्क किया था, उसकी जानकारी जुटाई गई। पुलिस ने कॉल डिटेल रिकॉर्ड और अन्य तकनीकी जानकारी खंगाली।

इसके बाद आरोपी के संभावित ठिकाने और CCTV फुटेज की जानकारी जुटाकर पुलिस टीम फरीदाबाद पहुंची। वहां से दो संदिग्धों को डिटेन किया गया और पूछताछ के बाद दोनों को गिरफ्तार किया गया।

पहले रेकी, फिर लोगों को लालच देकर बनाते निशाना

पुलिस पूछताछ में सामने आया कि आरोपी कथित तौर पर अलग-अलग इलाकों में जाकर पहले रेकी करते थे। स्थानीय लोगों से घुलने-मिलने के लिए कभी दूध, जैकेट या कंबल जैसी छोटी-मोटी चीजें लेकर घूमते थे।

इसके बाद आसपास के लोगों से बातचीत कर उनके परिवार और आर्थिक स्थिति के बारे में जानकारी जुटाने की कोशिश करते थे। विश्वास बनने के बाद उन्हें कम कीमत में सोना मिलने का लालच देकर अपने जाल में फंसाने की बात पुलिस ने बताई है।

पुलिस दोनों आरोपियों से पूछताछ कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि इस तरह की ठगी की अन्य वारदातों में भी उनका हाथ है या नहीं।

गिरफ्तार आरोपी

गांधीनगर थाना पुलिस ने फरीदाबाद क्षेत्र से दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है:

  • वारिस मलिक (54) पुत्र शमसुद्दीन मलिक, निवासी शहीद नगर, गाजियाबाद
  • सलमान (33) पुत्र मीनू मलिक, निवासी आदर्श नगर, गाजियाबाद

फिलहाल पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही है और ठगी की रकम व गहनों के संबंध में भी जानकारी जुटाई जा रही है।

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