बिहार के 14 जिलों में बाढ़ का कहर, 43 लाख लोग प्रभावित; 5 हजार स्कूल बंद, यूपी में भी बिगड़े हालात

पटना। बिहार में लगातार हो रही बारिश के बाद बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है। पटना, मुंगेर और भागलपुर समेत राज्य के 14 जिलों में करीब 43 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। कई इलाकों में नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं, जिसके चलते जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है।

आपदा प्रबंधन विभाग के मुताबिक, 14 जिलों के 84 प्रखंडों की 514 ग्राम पंचायतों में बाढ़ का असर है। बाढ़ के पानी के कारण 5 हजार से ज्यादा स्कूलों को बंद करना पड़ा है। वहीं गंगा, कोसी और गंडक जैसी प्रमुख नदियों के उफान पर होने से नदी किनारे बसे इलाकों में हालात लगातार चुनौतीपूर्ण बने हुए हैं।

बाढ़ का असर धार्मिक और सामाजिक गतिविधियों पर भी पड़ा है। नदी किनारे बने 500 से ज्यादा श्मशान घाट पानी में डूब गए हैं, जिससे लोगों को अंतिम संस्कार करने में भी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

यूपी में भी बाढ़ और बारिश से हालात बिगड़े

उत्तर प्रदेश में भी लगातार बारिश के कारण कई नदियां उफान पर हैं। राज्य के 26 जिलों में करीब 4 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित बताए जा रहे हैं। बरेली में रामगंगा नदी के बढ़े जलस्तर के कारण एक प्राचीन मंदिर नदी की धारा में समा गया। वहीं बाराबंकी में सरयू नदी का पानी कई इलाकों में घुस गया और करीब 12 मकान पानी में डूब गए।

MP और राजस्थान में फिलहाल राहत

दूसरी ओर मध्य प्रदेश और राजस्थान में फिलहाल बारिश का दौर थमा हुआ है। मौसम विभाग के अनुमान के मुताबिक, मध्य प्रदेश में अगले तीन दिनों तक तेज बारिश की संभावना कम है। राजस्थान में 11 सितंबर से दोबारा बारिश शुरू होने का अनुमान जताया गया है। हालांकि बुधवार को प्रदेश के 10 शहरों में तापमान 35 डिग्री सेल्सियस से ऊपर दर्ज किया गया।

फिलहाल बिहार और उत्तर प्रदेश के बाढ़ प्रभावित इलाकों में प्रशासन की नजर बनी हुई है। नदियों के जलस्तर और प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति पर लगातार निगरानी की जा रही है।

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