उदयपुर। शहर के बहुचर्चित 272 भूखंड मामले में स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप यानी SOG ने बड़ी कार्रवाई करते हुए लंबे समय से वांछित आरोपी विपिन कोठारी को गिरफ्तार किया है। इस मामले में खाली और निरस्त भूखंडों के कथित फर्जी दस्तावेज तैयार कर नगर निगम से लीजडीड जारी करवाने और बाद में इन भूखंडों को आगे बेचने के आरोपों की जांच चल रही है। विपिन कोठारी की गिरफ्तारी के बाद मामले की जांच में एक और महत्वपूर्ण कड़ी जुड़ गई है।
वर्ष 2004 में हस्तांतरित भूखंडों से जुड़ा है मामला
SOG के अनुसार, पूरा मामला वर्ष 2004 में नगर विकास प्रन्यास, उदयपुर से हस्तांतरित किए गए भूखंडों से जुड़ा है। जांच में सामने आया कि इनमें से कुछ भूखंड खाली थे या पहले ही निरस्त किए जा चुके थे। आरोप है कि ऐसे भूखंडों को लेकर कूटरचित और फर्जी दस्तावेज तैयार किए गए और साजिशपूर्वक नगर निगम उदयपुर से उनकी लीजडीड जारी करवाई गई।
जांच एजेंसी का आरोप है कि इस पूरी प्रक्रिया में कई लोगों की भूमिका रही और दस्तावेजों को तैयार करने से लेकर सरकारी रिकॉर्ड में प्रक्रिया आगे बढ़ाने तक कथित तौर पर सुनियोजित तरीके से काम किया गया।
अधिकारियों-कर्मचारियों से मिलीभगत का भी आरोप
जांच के दौरान SOG को कथित तौर पर यह जानकारी मिली कि आरोपी विपिन कोठारी ने अन्य आरोपियों के साथ मिलकर फर्जी दस्तावेज तैयार करवाए। इसके बाद नगर निगम के कुछ अधिकारियों और कर्मचारियों से कथित मिलीभगत कर संबंधित भूखंडों की लीजडीड जारी करवाई गई।
SOG अब यह पता लगाने में जुटी है कि फर्जी दस्तावेज तैयार करने, उन्हें सरकारी रिकॉर्ड में इस्तेमाल करने और लीजडीड जारी करवाने की प्रक्रिया में कौन-कौन लोग शामिल थे और प्रत्येक आरोपी की क्या भूमिका रही।
लीजडीड के बाद भूखंड बेचने की कड़ी भी सामने आई
मामले की जांच में भूखंडों की लीजडीड जारी होने के बाद की गतिविधियां भी सामने आई हैं। SOG के मुताबिक, इन भूखंडों के संबंध में मुख्तारनामा करवाकर आगे बिक्री किए जाने की बात जांच में सामने आई है।
इसी आधार पर जांच एजेंसी पूरे मामले की कड़ी जोड़ने में जुटी है कि कथित फर्जी दस्तावेज तैयार होने से लेकर भूखंडों को अपने नाम करवाने, लीजडीड जारी कराने और फिर आगे बिक्री करने तक की प्रक्रिया किस तरह संचालित की गई।
लगातार तलाश के बाद गिरफ्तार हुआ विपिन कोठारी
SOG लंबे समय से मामले में वांछित आरोपी विपिन कोठारी की तलाश कर रही थी। लगातार प्रयासों के बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे 15 सितंबर 2026 तक पुलिस कस्टडी रिमांड पर लिया गया है।
अब रिमांड के दौरान SOG आरोपी से पूछताछ कर मामले से जुड़े दस्तावेजों, अन्य आरोपियों की भूमिका और कथित लेनदेन सहित कई पहलुओं पर जानकारी जुटा सकती है।
अब तक 9 आरोपियों की गिरफ्तारी
SOG के अनुसार, 272 भूखंड मामले में विपिन कोठारी समेत अब तक कुल 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। हालांकि जांच अभी जारी है और एजेंसी अन्य संभावित संलिप्त लोगों के बारे में भी जानकारी जुटा रही है।
मामले में यह भी जांच की जा रही है कि कथित तौर पर फर्जी दस्तावेज किस स्तर पर तैयार हुए, किन लोगों ने उनका इस्तेमाल किया और नगर निगम से लीजडीड जारी कराने की प्रक्रिया में किन-किन लोगों की भूमिका रही।
आगे और कार्रवाई की संभावना
विपिन कोठारी की गिरफ्तारी के बाद SOG की जांच और तेज होने की संभावना है। पुलिस अब आरोपी से पूछताछ के आधार पर मामले में जुड़े अन्य लोगों और दस्तावेजों के बारे में जानकारी जुटा रही है। 272 भूखंडों से जुड़े इस मामले में आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां या कार्रवाई हो सकती है।
