अंता उपचुनाव में आज रात हो सकता है प्रत्याशी का नाम, इस सीट से कौन-कौन है रेस में
पल पल राजस्थान
जयपुर। राजस्थान में अंता विधानसभा उपचुनाव को लेकर सियासी पारे में लगातार हलचल है। भारतीय जनता पार्टी ने ने अभी तक अंता विधानसभा से कोई उम्मीदवार घोषित नहीं किया है। वहीं, मंगलवार को कांग्रेस की ओर से प्रमोद जैन भाया और निर्दलीय उम्मीदवार नरेश मीणा ने अपना नामांकन दाखिल कर दिया है। इधर, पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे का जयपुर में बड़ा बयान सामने आया है, इसको लेकर सियासी गलियारों में कई तरह के कयास लगाएं जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि सीएम और बीजेपी के प्रदेशाध्यक्ष जो भी अंता से उम्मीदवार तय करेंगे, वह सर्वमान्य होगा।
इस बीच चर्चा तो यह भी है कि भले ही वसुंधरा राजे ने यह बयान दिया, लेकिन बीजेपी उनकी सहमति के बगैर अंता से उम्मीदवार घोषित नहीं करेगी। अंता क्षेत्र में वसुंधरा राजे और उनके पुत्र दुष्यंत सिंह का मजबूत जनाधार माना जाता है। भले ही वसुंधरा राजे ने यह बयान दिया है कि वह पार्टी के निर्णय के साथ हैं, लेकिन सियासत में तो यही माना जा रहा है कि बीजेपी राजे की मंजूरी के बाद ही अंता से टिकट फाइनल करेगी। इसको लेकर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ ने भी पूर्व सीएम वसुंधरा राजे से मुलाकात की थी।
इधर, राजे ने मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए कहा कि बीजेपी चीफ और सीएम जो तय करेंगे, वह सर्वमान्य होगा। वह पार्टी के निर्णय के साथ ही कार्य करेंगी। इधर, राजनीतिक जानकार इस बयान को संकेतों से भरा मानकर कई मायने निकाल रहे हैं। अंता विधानसभा में कांग्रेस से प्रमोद जैन भाया और निर्दलीय नरेश मीणा चुनावी मैदान में है। वहीं बीजेपी ने अभी तक उम्मीदवार घोषित नहीं किया है। माना जा रहा है कि आज देर रात तक उम्मीदवार की घोषणा की जा सकती है। इसको लेकर प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ ने भी संकेत दिए हैं।
इधर, वसुंधरा राजे के करीबी नेताओं के नामों को लेकर जमकर कयास लगाएं जा रहे हैं। इनमें भगवती देवी (पूर्व विधायक कंवरलाल मीणा परिवार से), पूर्व जिला प्रमुख नंदलाल सुमन (पूर्व जिला प्रमुख) और मोरपाल का नाम काफी चर्चा में है। वहीं अंता विधानसभा में 45 हजार माली समाज के वोर्टस होने के कारण पूर्व मंत्री प्रभुलाल सैनी को भी मजबूत दावेदार माना जा रहा है।
