महारानी’ की आंखों से छलके आंसू, वसुंधरा राजे को अदिति शर्मा की कविता ने क्यों किया इमोशनल

झालावाड़/खानपुर: राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे का एक बेहद भावुक रूप खानपुर के खोयरा स्थित मुक्तेश्वर मंदिर परिसर में देखने को मिला। मौका था उनके पुत्र और सांसद दुष्यंत सिंह की ‘सांसद पदयात्रा’ के तीसरे चरण का शुभारंभ। इस दौरान जब एक बालिका ने उनके परिवार के संघर्ष और सेवा की गाथा को कविता के रूप में सुनाया, तो राजनीति की ‘महारानी’ अपने आंसू नहीं रोक पाईं।

जब कविता ने कुरेदीं पुरानी यादें

समारोह के दौरान अदिति शर्मा नाम की एक बालिका ने कविता पाठ किया। इस कविता में राजे के शासन, उनकी जनहितैषी योजनाओं और विशेष रूप से उनके परिवार जिसमें मां राजमाता विजयाराजे सिंधिया, पिता श्रीमंत जीवाजी राव सिंधिया और भाई श्रीमंत माधवराव सिंधिया का उल्लेख था। अपने माता-पिता और दिवंगत भाई का जिक्र सुनकर वसुंधरा राजे भावुक हो गईं।

कविता सुन अपने आंसू रोक नहीं पाई। मेरे जीवन में इन तीनों के योगदान को मैं कभी नहीं भूल सकती। आज इनके बिना जीवन बहुत सूना लगता है।पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे

‘दल का नहीं, दिल का रिश्ता है’

जनता को संबोधित करते हुए वसुंधरा राजे ने कहा कि जब भी उन्हें अपने परिवार की याद आती है, तो वह लोगों से मिल रहे अगाध प्रेम में अपने खोए हुए परिजनों को खोजने लगती हैं। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि मैं बहुत भावुक हूं। मुझे धन-दौलत की लालसा नहीं है, मुझे केवल जनता रूपी परिवार के प्यार की जरूरत है, जो मुझे भरपूर मिल रहा है। मेरा लोगों से दल का नहीं, बल्कि दिल का रिश्ता है।

सांसद की पदयात्रा के मायने: विकास और जन-संवाद

राजे ने अपने बेटे सांसद दुष्यंत सिंह की इस पदयात्रा को राजनीति से ऊपर बताया। उन्होंने कहा कि इस यात्रा का कोई संकीर्ण राजनीतिक अर्थ नहीं है। यह यात्रा विकास के मार्ग पर निरंतर चलने की। आमजन के ‘मन की बात’ जानने और उनके सपनों को साकार करने की। लोगों को गले लगाने और उनकी तकलीफों का निदान करने की। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह यात्रा क्षेत्र की खुशहाली की यात्रा है, जिसका मूल मंत्र ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास’ है।

‘सबका सम्मान, सबका उत्थान’

इस सांसद पदयात्रा के लिए एक नया और प्रभावी नारा भी दिया गया ‘सबका सम्मान, सबका उत्थान और हर वाजिब समस्या का समाधान।’ मुक्तेश्वर मंदिर के पवित्र परिसर से शुरू हुई यह यात्रा झालावाड़-बारां संसदीय क्षेत्र के विभिन्न गांवों से होकर गुजरेगी, जहां सांसद दुष्यंत सिंह सीधे ग्रामीणों से संवाद करेंगे। राजे का यह भावुक अंदाज क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है, जो यह दर्शाता है कि राजनीति के कड़े फैसलों के पीछे एक संवेदनशील हृदय भी है जो आज भी अपने परिवार और जनता के प्रेम के लिए धड़कता है।

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