उदयपुर। शहर की ऐतिहासिक पीछोला झील में सीवरयुक्त पानी पहुंचने का मामला सामने आया है। झील भ्रमण के दौरान पूर्व सदस्य झील विकास प्राधिकरण तेज शंकर पालीवाल ने तीन अलग-अलग स्थानों पर गंदा पानी झील में जाता हुआ देखने का दावा किया है।
पालीवाल के अनुसार, शुक्रवार सुबह नाथी घाट के पास एक सीवर मेनहोल का ढक्कन उफनता मिला। यहां से बदबूदार पानी बहकर पीछोला झील की ओर जाता दिखाई दिया। उन्होंने मौके के फोटो और वीडियो बनाकर नगर निगम के अधिकारियों को भेजे।

इसके बाद गड़िया देवरा के पास रामघाट मंदिर क्षेत्र में बरसाती पानी की निकासी के लिए लगाए गए पाइप से भी बिना बारिश के पानी निकलता मिला। पालीवाल का दावा है कि यह पानी सीवरयुक्त था और झील की ओर जा रहा था। वहीं लालघाट क्षेत्र में भी एक पाइप से गंदा पानी पीछोला में गिरता दिखाई दिया।
तीनों स्थानों के फोटो और वीडियो नगर निगम महापौर पारस सिंघवी, आयुक्त अभिषेक खन्ना और वरिष्ठ अभियंता मनीष अरोड़ा को भेजकर तत्काल कार्रवाई की मांग की गई है।
पालीवाल ने कहा कि पीछोला का जलस्तर कम होने के बीच यदि सीवरयुक्त पानी झील में पहुंचता है तो इससे जल गुणवत्ता को लेकर चिंता बढ़ती है। उन्होंने झील में मिलने वाले सभी नालों और पाइपलाइनों की नियमित निगरानी की मांग की है।
अब देखने वाली बात होगी कि नगर निगम इन स्थानों पर जांच के बाद क्या कार्रवाई करता है और झील में गंदे पानी की निकासी को रोकने के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं।
