
लेकसिटी उदयपुर में पुलिस ने ऑनलाइन सट्टेबाजी और धोखाधड़ी के एक ऐसे सिंडिकेट का भंडाफोड़ किया है जो रेस्टोरेंट और विला की आड़ में मासूम लोगों की जेबें खाली कर रहा था। सुखेर थाना पुलिस और जिला स्पेशल टीम (DST) ने एक खुफिया सूचना पर तुलसी नगर के ‘मिक्सोरा रेस्टोरेंट एण्ड विला’ पर सर्जिकल स्ट्राइक की, जहाँ ठगी का हाईटेक सेटअप देखकर पुलिस भी दंग रह गई। विला के बंद कमरों में 5 शातिर ठग मोबाइल फोन और सट्टेबाजी के पैनल लेकर बैठे थे, जो डिजिटल जाल बिछाकर लोगों को लूट रहे थे। पुलिस ने मौके से 9 स्मार्टफोन जब्त किए हैं, जिनमें ठगी और अवैध ट्रांजैक्शन का काला कच्चा चिट्ठा छिपा है।
इस गैंग के काम करने का तरीका किसी फिल्मी स्क्रिप्ट से कम नहीं था। आरोपी लोगों को ऑनलाइन गेमिंग में भारी कमीशन और रातों-रात अमीर बनने का सपना दिखाते थे। जैसे ही कोई इनके लालच में फंसा, ये उससे अपने खातों में मोटी रकम ट्रांसफर करवा लेते और फिर गायब हो जाते। इतना ही नहीं, यह गिरोह ठगी के पैसे को ठिकाने लगाने के लिए अवैध रूप से बैंक खातों की खरीद-फरोख्त का काला कारोबार भी चला रहा था। गिरफ़्तार किए गए आरोपियों में चेतन, अरविंद, तुषार, कमल और अभिषेक शामिल हैं, जो चित्तौड़गढ़, भीलवाड़ा और राजसमंद के रहने वाले हैं और उदयपुर के पॉश इलाकों में छिपकर अपना नेटवर्क चला रहे थे।
प्रशिक्षु आरपीएस जगदीश कुमार और थानाधिकारी रविन्द्र चारण की अगुवाई में हुई इस कार्रवाई ने ऑनलाइन ठगों के हौसले पस्त कर दिए हैं। पुलिस अब इन आरोपियों के मोबाइल डेटा को खंगाल रही है, जिससे करोड़ों रुपये के ट्रांजैक्शन और बड़े नेटवर्क के खुलासे होने की उम्मीद है। पुलिस ने साफ कर दिया है कि शहर के किसी भी रेस्टोरेंट या विला में अगर ऐसी संदिग्ध गतिविधियां चलीं, तो अंजाम बुरा होगा। इस बड़ी कामयाबी के बाद पुलिस ने जनता को भी आगाह किया है कि वे ‘शॉर्टकट’ से पैसा कमाने के चक्कर में इन डिजिटल डकैतों का शिकार न बनें।
