
मुरादाबाद – मुरादाबाद में भजन गायक की पत्नी शादी के 23 साल बाद मुस्लिम बॉयफ्रेंड के साथ भाग गई। महिला ने धर्म परिवर्तन कर पूजा-पाठ करना छोड़ दिया और नमाज पढ़ना शुरू कर दिया। बच्चों को भी सनातन छोड़ इस्लाम के रास्ते पर डाल दिया। भजन गायक ने महिला की शिकायत पुलिस से की।
जिसके बाद पुलिस ने महिला को रिकवर कर लिया। उसके मुस्लिम ब्वॉयफ्रेंड को जेल भेज दिया। लेकिन महिला अभी भी जिद पर अड़ी है। उसने पति के साथ जाने से साफ मना कर दिया। थाने में बोली- अब तो इस्लाम ही मेरा धर्म है। पति के साथ नहीं जाऊंगी। डंके की चोट पर नमाज पढ़ूंगी।
दूसरी ओर भजन गायक 2 बच्चों की वापसी के लिए गुहार लगा रहा है। भजन गायक का कहना है कि, मैं कट्टर हिंदू हूं और अगर मेरे बीवी-बच्चों में से किसी ने नमाज पढ़ी तो मैं सुसाइड कर लूंगा।
पुलिस छानबीन में पता चला कि करीब डेढ़-दो साल पहले स्वाति के फेसबुक अकाउंट पर नसरीन नाम की महिला की फ्रेंड रिक्वेस्ट आई। स्वाति ने उसे एक्सेप्ट कर लिया।
इसके कुछ दिन तक दोनों की मैसेंजर पर चैट हुई। फिर दोनों के मोबाइल नंबर एक्सचेंज हो गए। धीरे-धीरे दोस्ती गहरी होने के बाद शाहीन ने स्वाति की बातचीत लक्की से शुरू कराई।
कुछ ही वक्त में लक्की और स्वाति का अफेयर शुरू हाे गया और दोनों मिलने-जुलने लगी। लक्की का असली नाम अजहर था और वो बिजनौर के चांदपुर का रहने वाला है।
अजहर ने स्वाति का ब्रेन वॉश किया
स्वाति से अफेयर शुरू होने के बाद अजहर उर्फ लक्की ने धीरे-धीरे स्वाति का ब्रेन वॉश करना शुरू किया। वो उसे समझाने लगा कि पूजापाठ करने से कुछ नहीं होगा। उसने स्वाति को इस्लाम की अच्छाइयां बताकर उसे नमाज पढ़ने के लिए बरगलाया।
अजहर उर्फ लक्की के इश्क में खो चुकी स्वाति ने धीरे-धीरे पूजापाठ बंद कर दी और वो अपने घर में नमाज पढ़ने लगी। इसके बाद उसने धीरे से अजहर को घर बुलाना और अपने बच्चों से मिलवाना भी शुरू कर दिया। इसके लिए अजहर ने बच्चों को लालच दिया। वो बच्चों को दवा के बहाने नॉनवेज खिलाता था। बच्चे नहीं खाते तो उन्हें जबरदस्ती खिलाया।
स्वाति का बड़ा बेटा देवराज सिंह (19 साल) कंप्यूटर सीख रहा था। लेकिन उसके पास अपना कंप्यूटर या लैपटॉप नहीं था। अजहर ने देवराज को एक लैपटॉप लाकर गिफ्ट किया। बाकी बच्चों को भी वो कुछ न कुछ उपहार लाकर देने लगा।
इससे स्वाति के बच्चे भी अजहर के चंगुल में फंस गए। यहां तक कि घर में अजहर के आने जाने की भनक किसी बच्चे ने भी अपने पिता भानू प्रताप सिंह को नहीं लगने दी। इधर भानू प्रताप वृंदावन में भजन गाकर अपने परिवार के लिए पैसा कमाने में व्यस्त थे।
आधी रात 3 बच्चों को लेकर भागी स्वाति
कुछ दिन पहले परिवार को सरप्राइज देने के चक्कर में भजन गायक भानू प्रताप अचानक वृंदावन से घर पहुंचे। तो उनको पत्नी के अफेयर के बारे में पता चला।
इसके बाद भानू प्रताप वृंदावन नहीं गए और शहर में रहकर ही माता के जागरणों में भजन गाने लगे। भानू प्रताप बताते हैं- 6 अक्टूबर को शहर में माता का जागरण था। मैं जागरण में भजन गाने गया था।
इसी बीच रात को करीब 2 बजे स्वाति तीन बच्चों को लेकर घर से चली गई। वो अपने साथ बड़े बेटे देवराज (19 साल), बेटी पूजा (10साल) और बेटे कृष्ण राज (8 साल) को लेकर गई थी। बाकी 2 बच्चों युवराज सिंह (17 साल) और वासुदेव सिंह (7 साल) को घर पर ही सोता छोड़ गई।
पूरी घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद हुई। मैं तड़के 5 बजे जब घर पहुंचा तो देखा पत्नी और 3 बच्चे घर पर नहीं थे। कैमरे में चेक किया तो पता चला कि रात में 2 बजे अजहर उर्फ लक्की के साथ स्वाति बच्चों को लेकर चली गई है।
