45 डिग्री तापमान में तप की मिसाल: पंच धूणियों के बीच 11 दिन की तपस्या में लीन धनश्यामदास महाराज,

खारवा में 11 दिवसीय पंच धूणी महाअनुष्ठान शुरू

– बालोतरा-बाड़मेर जिले में पहली बार आयोजित हो रहा अनुष्ठान

– आध्यात्मिक ऊर्जा और सनातन संस्कृति के संरक्षण का संदेश

बालोतरा। जिले की काकराला ग्राम पंचायत के खारवा गांव स्थित श्री मोमाजी गौ सेवा संस्थान परिसर में मंगलवार को 11 दिवसीय पंच धूणी तपस्या महाअनुष्ठान का विधिवत शुभारंभ हुआ। श्री सुभद्रा माताजी एवं मामाजी महाराज का धाम सड़लानाडा लालाणा तथा श्री निंबेश्वर हाथीबंध महादेव मठ खारवा के मठाधिपति महंत भुवनेश्वरपुरी महाराज के सानिध्य में आरंभ हुए इस अनुष्ठान के दौरान गौशाला के संस्थापक एवं खारवा मठाधिपति महंतश्री के शिष्य धनश्यामदास महाराज पंच धूणियों के मध्य विराजमान होकर कठोर तपस्या एवं साधना में लीन हुए। जबरदस्त गर्मी और आग उगलते मौसम के बावजूद चारों ओर प्रज्वलित धूणियों के बीच की जा रही यह कठिन तपस्या श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। अनुष्ठान स्थल पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने पहुंचकर धर्मलाभ लिया तथा धार्मिक कार्यक्रम में सहभागिता निभाई। महंत भुवनेश्वरपुरी महाराज ने बताया कि यह महाअनुष्ठान आध्यात्मिक ऊर्जा, आत्मशुद्धि, तप, त्याग और सनातन संस्कृति के संरक्षण एवं संवर्धन को समर्पित है। पंच धूणी तपस्या को सनातन परंपरा में तप, संयम और साधना का सर्वोच्च स्वरूप माना जाता है, जो मनुष्य को आत्मिक उन्नति और आध्यात्मिक चेतना की ओर अग्रसर करता है। आयोजकों के अनुसार बालोतरा और बाड़मेर जिले में इस प्रकार का पंच धूणी तपस्या महाअनुष्ठान पहली बार आयोजित किया जा रहा है। इस अनूठे धार्मिक आयोजन को लेकर क्षेत्र के श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह और आस्था का वातावरण देखने को मिल रहा है। 11 दिनों तक चलने वाले इस महाअनुष्ठान में जिलेभर सहित आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। आयोजन स्थल पर भक्तिमय वातावरण बना हुआ है तथा ग्रामवासी और सेवाभावी कार्यकर्ता व्यवस्थाओं में उत्साहपूर्वक सहयोग कर रहे हैं। महाअनुष्ठान के माध्यम से धर्म, संस्कृति, सेवा और आध्यात्मिक मूल्यों के प्रति जनजागरण का संदेश दिया जा रहा है।

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