निगम का 6 दिन में 2.75 करोड़ वसूली का टारगेट, टैक्स नहीं देने वालों पर सख्ती, संपत्तियां होंगी सीज

उदयपुर. उदयपुर में यूडी टैक्स वसूली को लेकर नगर निगम के अधिकारीबड़ी चिंता में हैं। वित्तीय वर्ष 2025-26 का आखिरी महीना मार्च अब समाप्त होने को है, लेकिन अभी तक 20 करोड़ के टारगेट में से करीब 17.25 करोड़ ही जमा हो पाए हैं। ऐसे में अंतिम 6 दिनों में बाकी 2.75 करोड़ रुपये जुटाने के लिए निगम की टीमें पूरी मशक्कत कर रही हैं। इस महीने महज 3 वर्किंग डे बचे हैं, हालांकि निगम की टीम 31 मार्च तक बिना छुट्टी के काम करेगी।

सरकार के तय नियमों के मुताबिक हर साल कुल वसूली पर 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी होती है। पिछले वित्तीय वर्ष 2024-25 में 18.68 करोड़ रुपए यूडी टैक्स वसूला गया था। इसी आधार पर इस साल 2025-26 का लक्ष्य 20 करोड़ रुपए रखा गया है।

इस वित्तीय वर्ष (2025-26) के शुरूआती 9 महीनों में 7 करोड़ 85 लाख रूपए की वसूली हुई थी। पिछले साल निगम ने 17 करोड़ के टारगेट को पूरा करते हुए 9.88 प्रतिशत ज्यादा 18.68 करोड़ हासिल किए थे।
राज्य सरकार की ओर से स्थानीय निकायों को मिलने वाले अनुदान (ग्रांट) के लिए इस टारगेट को पूरा करना अनिवार्य है। लक्ष्य पूरा न होने पर ग्रांट नहीं मिलती। नगर निगम के यूडी टैक्स के दायरे में करीब 22 हजार से ज्यादा संपत्तियां आती हैं

निगम आयुक्त अभिषेक खन्ना खुद दिन में दो बार टीम से संपर्क कर अपडेट ले रहे हैं। इस बार पिछले वर्षों की तुलना में ज्यादा मेहनत इसलिए करनी पड़ रही है क्योंकि निगम के कई अधिकारी-कर्मचारी जनगणना ड्यूटी पर तैनात हैं। लगातार नोटिस भेजने के बावजूद बकायेदारों का ध्यान न देने पर निगम ने अब तक 45 से ज्यादा संपत्तियों को सीज कर दिया है।

मार्च के लास्ट वीक में निगम की टीम 5 से ज्यादा बड़ी-बड़ी प्रॉपर्टीज पर खास फोकस कर रही है, जिन पर 70 से 80 लाख रुपए तक का बकाया है। इन बकायेदारों को लगातार मैसेज और फोन किए जा रहे हैं।

सख्ती का संदेश देने के लिए निगम कल या परसों कुछ और संपत्तियों को सीज करने की कार्रवाई भी कर सकता है। निगम की रेवेन्यू टीम के मोहित अग्निहोत्री, राहुल मीणा और विजय जैन लगातार इस पेंडेंसी पर काम कर रहे हैं।
पिछले साल तक नगर निगम ने 60-70 लाख से 1 करोड़ रुपए तक बकाया यूडी टैक्स वाली संपत्तियों से राशि वसूल कर ली थी। इससे टैक्स का टारगेट भी समय से पूरा हो गया था।

इस साल ज्यादात्तर पेंडेंसी 10-20 लाख रुपए यूडी टैक्स वाली संपत्तियां ही बची हैं। ऐसे में इन्हें सीज कर वसूली करने पर भी टारगेट पूरा नहीं हो पा रहा है। जबकि बड़ी राशि का होने पर इस टारगेट जल्दी पूरा किया जा सकता है। शहर की 42 सरकारी और अर्द्ध-सरकारी संपत्तियां भी टैक्स नहीं चुका रही हैं, ऐसे में उन पर सख्ती करना भी आसान नहीं है।

साल 2007 यानी 19 साल से सभी सरकारी संपत्तियों का 3 करोड़ 65 लाख 33 हजार 465 रुपए टैक्स बकाया है। सरकारी संपत्ति होने के कारण नगर निगम भी टैक्स के लिए इन पर सख्ती नहीं कर पाता है। कई विभाग ऐसे भी हैं, जिनका बिल नगर निगम में भी बकाया है। ऐसे में दोनों विभाग आपस में हिसाब एडस्ट का मानस रखते हैं।
आयुक्त अभिषेक खन्ना ने बताया कि सभी संपत्तियों को टैक्स चुकाने के नोटिस दिए जा चुके हैं। सरकारी संपत्तियां होने के कारण इनसे टैक्स वसूली में कठिनाई भी होती है। बिजली और बीएसएनएल विभागों का मानना है कि निगम से उनका भी बिल बकाया है, ऐसे में वे यूडी टैक्स जमा नहीं करवा रहे हैं। खन्ना ने अपील कि है कि समय रहते टैक्स जमा करवा दिया जाए वरना नगर निगम की टीम संपतियां सीज करने में ज्यादा वक्त नहीं लगाएगी।

किन सं​पतियों पर लगता है यूडी टैक्स
उदयपुर शहर में 2700 वर्ग फीट से ज्यादा आवासीय और 900 वर्ग फीट से ज्यादा व्यावसायिक भूखंड धारियों से डीएलसी रेट के हिसाब से यूडी टैक्स लिया जाता है। पिछले साल निगम ने यूडी टैक्स नहीं जमा होने पर 60 से ज्यादा संपतियां सीज की थी।

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