
जयपुर में पीसीपीएनडीटी टीम ने नवरात्र के पहले दिन एक बड़ी कार्रवाई करते हुए अवैध भ्रूण लिंग परीक्षण करने वाले गिरोह का भंडाफोड़ किया है। सांगानेर के केसर चौराहा स्थित कुबेर हेल्थ केयर और मयूर रेजिडेंसी के एक फ्लैट पर दिए गए डिकोय ऑपरेशन के दौरान टीम ने एक डॉक्टर सहित तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। यह गिरोह कोख में पल रहे भ्रूण की जांच करने के लिए 80 हजार रुपए वसूलता था। मौके से एक अवैध पोर्टेबल सोनोग्राफी मशीन और वारदात में इस्तेमाल की गई कार को भी जब्त किया गया है।
गिरफ्तार किए गए आरोपियों में कोटपूतली निवासी मुख्य सरगना हरी कुमावत, झुंझुनूं की शीला देवी और दौसा निवासी डॉ. शेर सिंह राजावत शामिल हैं, जबकि एक अन्य आरोपी जगबीर फिलहाल फरार है। जांच में सामने आया कि मुख्य आरोपी हरी कुमावत मात्र 10वीं पास है और वह पहले भी दो बार पीसीपीएनडीटी एक्ट के तहत जेल जा चुका है। वहीं, डॉ. शेर सिंह गर्भवती महिलाओं को लिंग जांच के लिए प्रेरित करता था और शीला देवी क्लाइंट्स लाने का काम करती थी।
कार्रवाई के दौरान डिकोय गर्भवती महिला को पहले कुबेर हेल्थ केयर बुलाया गया, जहाँ उससे 80 हजार रुपए की डील हुई। इसके बाद आरोपियों ने उसे कई रास्तों से घुमाते हुए मयूर रेजिडेंसी के एक सुरक्षित फ्लैट पर ले जाकर सोनोग्राफी की और गर्भ में लड़की होना बताया। इशारा मिलते ही एएसपी डॉ. हेमंत जाखड़ और सीआई सत्यपाल यादव के नेतृत्व वाली टीम ने दबिश देकर आरोपियों को रंगे हाथों दबोच लिया। राजस्थान में गिरते लिंगानुपात के बीच इस तरह के गिरोह का सक्रिय होना बेहद चिंताजनक है, जहाँ वर्तमान में 1000 लड़कों पर करीब 890 बेटियां ही दर्ज की जा रही हैं।
