
राजस्थान के अलवर शहर में दिल्ली दरवाजा स्थित गंगा मंदिर के पास उस वक्त कोहराम मच गया, जब एक शख्स ने सरेआम खुद को आग के हवाले कर आत्मदाह की कोशिश की। रणजीत नगर निवासी 34 वर्षीय रवि जाटव अपनी गायब पत्नी की तलाश में दर-दर की ठोकरें खा रहा था, लेकिन जब उसे अपने ससुराल में भी पत्नी का कोई सुराग नहीं मिला, तो उसका सब्र जवाब दे गया। हताशा और पागलपन की हद पार करते हुए रवि ने अपने ऊपर तेल छिड़का और माचिस जलाकर खुद को जिंदा जला लिया। देखते ही देखते रवि आग का गोला बन गया और उसकी चीखें सुनकर पूरे अखैपुरा थाना क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई। मौके पर मौजूद लोगों ने आनन-फानन में आग बुझाने की कोशिश की, लेकिन तब तक वह बुरी तरह झुलस चुका था।
इस खौफनाक कदम के पीछे की कहानी घरेलू कलह और पुलिस की नाकामी से जुड़ी हुई है। बताया जा रहा है कि करीब डेढ़ महीने पहले रवि का अपनी पत्नी ज्योति से शराब के नशे में झगड़ा हुआ था, जिसके बाद ज्योति रहस्यमयी ढंग से गायब हो गई। रवि ने पुलिस के चक्कर काटे, गुहार लगाई, लेकिन जब खाकी उसकी अर्धांगिनी को ढूंढने में नाकाम रही, तो उसे शक हुआ कि उसकी पत्नी ससुराल वालों की कैद में है। वहीं दूसरी ओर, ससुराल पक्ष का आरोप है कि रवि अपनी पत्नी के साथ आए दिन मारपीट करता था और इसी जुल्म से तंग आकर ज्योति घर छोड़कर भाग गई।
ससुराल की बंद चौखट और पत्नी के बिछोह के गम ने रवि को इस कदर तोड़ दिया कि उसने मौत को गले लगाना बेहतर समझा। पुलिस ने लहूलुहान और झुलसी हालत में रवि को जिला अस्पताल में भर्ती कराया, जहाँ उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने उसे तुरंत जयपुर रेफर कर दिया है। फिलहाल रवि जिंदगी और मौत के बीच जंग लड़ रहा है, जबकि पुलिस अब इस उलझी हुई गुत्थी को सुलझाने में जुटी है। इस घटना ने एक तरफ पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं, तो दूसरी तरफ अलवर के इस इलाके में सन्नाटा पसर गया है।
