विश्वास की सवारी और धोखे का सफर,बातों में उलझाकर सुहाग की निशानी पार कर गई शातिर लड़कियां, पुलिस के हत्थे चढ़ी एक ‘शिकारी’

रफ्तार और भीड़भाड़ का फायदा उठाकर अब शातिर गिरोह महिलाओं की अस्मत और उनके सुहाग की निशानियों पर हाथ साफ कर रहे हैं। अगर आप शहर की सड़कों पर ऑटो या ई-रिक्शा में सफर कर रहे हैं, तो यह खबर आपकी धड़कनें बढ़ा सकती है।

गुलाबी नगरी की गलता गेट थाना पुलिस ने एक ऐसी ही शातिर महिला गैंग का भंडाफोड़ किया है, जो सवारी बनकर बैठती हैं और चंद मिनटों की बातचीत के जाल में उलझाकर महिलाओं के गले से मंगलसूत्र और कीमती आभूषण पार कर देती हैं। पुलिस के हत्थे चढ़ी 19 साल की शिवानी शिकारी ने जब अपनी करतूतें कबूलीं, तो हर कोई सन्न रह गया।

इस वारदात की पटकथा 6 जनवरी को लिखी गई, जब जवाहर नगर की रहने वाली गुड्डी कंवर अपनी सास के साथ बाजार जाने के लिए एक ई-रिक्शा में सवार हुईं। रास्ते में दो-तीन अन्य महिलाएं भी सवारी के रूप में उसी रिक्शा में चढ़ गईं। बातों का सिलसिला शुरू हुआ और गुड्डी को भनक भी नहीं लगी कि कब मीठी बातों के बीच उनकी गर्दन पर कैंची चल गई। गंतव्य से पहले ही उन महिलाओं ने अचानक ई-रिक्शा रुकवाया और तेजी से उतरकर गलियों में ओझल हो गईं। कुछ पल बाद जब गुड्डी का हाथ अपने गले पर गया, तो उनकी चीख निकल गई—सदा सुहागन का प्रतीक मंगलसूत्र गायब था।

रिपोर्ट दर्ज होते ही गलता गेट थाना प्रभारी धर्म सिंह ने जाल बिछाया। सीसीटीवी फुटेज की कड़ियों को जोड़ते हुए पुलिस उस रास्ते तक जा पहुंची जहां ये महिलाएं गायब हुई थीं। आखिरकार घेराबंदी कर शिवानी शिकारी को दबोच लिया गया, जिसके पास से लूटा हुआ मंगलसूत्र बरामद हुआ है। जांच में सामने आया कि शिवानी का पूरा परिवार ही इस दलदल में धंसा है; उसकी मौसी और अन्य महिलाएं भी इस गिरोह की सक्रिय सदस्य हैं जो फिलहाल फरार हैं। पुलिस की यह कार्रवाई एक बड़ी चेतावनी है कि सार्वजनिक वाहनों में अजनबियों की ‘अति-आत्मीयता’ और बातों के मायाजाल से खुद को बचाएं, क्योंकि आपकी एक पल की असावधानी उम्र भर की टीस दे सकती है।

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