
नई दिल्ली/मुंबई। देश की सबसे बड़ी आईटी कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) ने ‘वर्क फ्रॉम ऑफिस’ (WFO) को लेकर अब आर-पार की जंग छेड़ दी है। कंपनी ने उन कर्मचारियों के खिलाफ कड़ा एक्शन लिया है जो ऑफिस अटेंडेंस के नियमों में लापरवाही बरत रहे थे। ताजा अपडेट के मुताबिक, टीसीएस ने ऐसे कर्मचारियों के सालाना अप्रेजल (परफॉर्मेंस इंक्रीमेंट) को होल्ड पर डाल दिया है, जिन्होंने पिछले कुछ महीनों में तय नियमों के मुताबिक ऑफिस से काम नहीं किया। कंपनी के इस कदम से आईटी सेक्टर में खलबली मच गई है और यह साफ हो गया है कि अब ऑफिस आना कोई विकल्प नहीं बल्कि अनिवार्य नियम है।
मैनेजर ने किया अप्रूव, लेकिन कॉर्पोरेट ने अटकाया रिजल्ट
टाइम्स ऑफ इंडिया की एक रिपोर्ट के अनुसार, यह फैसला उन कर्मचारियों पर गाज बनकर गिरा है जो मौजूदा वित्तीय वर्ष के विभिन्न क्वार्टर में अटेंडेंस पॉलिसी को पूरा करने में विफल रहे। हैरानी की बात यह है कि कई कर्मचारियों की अप्रेजल प्रक्रिया उनके टीम लीडर और मैनेजर लेवल पर पूरी हो चुकी थी, लेकिन जब मामला फाइनल कॉर्पोरेट अप्रूवल के लिए पहुंचा, तो अटेंडेंस कम होने की वजह से उसे रिजेक्ट या होल्ड कर दिया गया। यानी परफॉर्मेंस में ए-वन होने के बावजूद सिर्फ ऑफिस न आने की वजह से कर्मचारियों का आर्थिक नुकसान तय माना जा रहा है।
फ्रेशर्स पर टूटी सबसे ज्यादा गाज
टीसीएस के इस सख्त रुख का सबसे ज्यादा असर नए शामिल हुए यानी फ्रेशर कर्मचारियों पर पड़ रहा है। कंपनी में ‘एनीवर्सरी अप्रेजल’ सिस्टम के तहत फ्रेशर्स को एक साल पूरा होने पर इंक्रीमेंट मिलता है। टीसीएस पहले ही 2022 में अनुभवी कर्मचारियों (Lateral Hires) के लिए फाइनल एनीवर्सरी अप्रेजल बंद कर चुकी है, ऐसे में फ्रेशर्स ही इसके मुख्य दायरे में थे। अब अटेंडेंस का पेंच फंसने से हजारों युवाओं के करियर ग्रोथ और सैलरी हाइक पर ब्रेक लग गया है।
वर्क फ्रॉम होम कल्चर को खत्म करने की तैयारी
कोरोना काल के बाद जहां कई कंपनियां हाइब्रिड मॉडल अपना रही हैं, वहीं टीसीएस लगातार कर्मचारियों को ऑफिस बुलाने पर जोर दे रही है। कंपनी का मानना है कि ऑफिस में साथ काम करने से टीम वर्क और लर्निंग बेहतर होती है। हालांकि, कर्मचारियों के एक बड़े वर्ग में इस फैसले को लेकर नाराजगी है, क्योंकि कई लोग अब भी घर से काम करने को प्राथमिकता दे रहे हैं। टीसीएस ने फिलहाल इस पूरे मामले पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है, लेकिन ‘अल्टिमैटिक्स’ पोर्टल पर अप्रेजल स्टेटस न बदलना खुद-ब-खुद पूरी कहानी बयां कर रहा है।
