स्वर्गीय दिव्यांशी वीरवाल की स्मृति में निःशुल्क चिकित्सा शिविर, 200 से अधिक लोगों ने उठाया लाभ

उदयपुर के सुंदरवास स्थित वर्धमान पब्लिक स्कूल में हुआ आयोजन, दंत, आयुर्वेदिक और मेडिकल विशेषज्ञों ने दी निःशुल्क सेवाएं

उदयपुर। स्वर्गीय दिव्यांशी वीरवाल की पावन स्मृति में रविवार, 25 अक्टूबर को सुंदरवास स्थित वर्धमान पब्लिक स्कूल में विशाल निःशुल्क चिकित्सा शिविर का आयोजन किया गया। गॉड ग्रेस डेंटल क्लिनिक के तत्वावधान में समाजसेवक अशोक वीरवाल एवं समाजसेविका अनीता वीरवाल की ओर से आयोजित इस शिविर में 200 से अधिक लोगों ने निःशुल्क स्वास्थ्य जांच और चिकित्सा परामर्श का लाभ लिया। आयोजन में टीम सृजन यूथ फाउंडेशन ने भी सहयोग किया।

एक ही छत के नीचे मिलीं विभिन्न चिकित्सा सेवाएं

शिविर में लोगों की बीपी, शुगर और हीमोग्लोबिन सहित विभिन्न स्वास्थ्य जांचें की गईं। दांतों और मसूड़ों से संबंधित समस्याओं की जांच कर उचित परामर्श दिया गया। साथ ही आयुर्वेदिक चिकित्सा के माध्यम से स्वास्थ्य संबंधी मार्गदर्शन प्रदान किया गया। आवश्यकता के अनुसार दंत एवं आयुर्वेदिक चिकित्सा से संबंधित दवाइयां भी निःशुल्क वितरित की गईं।

शिविर का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना और आमजन को नियमित स्वास्थ्य जांच के प्रति जागरूक करना रहा।

पार्षद निशा सालवी ने किया शुभारंभ

कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि एवं नवनिर्वाचित पार्षद श्रीमती निशा सालवी ने मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्वलित कर किया। विशिष्ट अतिथि के रूप में वर्धमान पब्लिक स्कूल के ट्रस्टी भगवतीलाल दक उपस्थित रहे। आयोजकों अशोक वीरवाल एवं अनीता वीरवाल ने अतिथियों का तिलक लगाकर और उपरना पहनाकर स्वागत किया।

विशेषज्ञ चिकित्सकों ने दी सेवाएं

शिविर में दंत एवं मसूड़ों की विशेषज्ञ डॉ. अनीता मौर्या, आयुर्वेदिक चिकित्सक डॉ. विष्णु बंसीवाल, फिजिशियन डॉ. रमाकांत माली और प्रोस्थोडॉन्टिक्स विशेषज्ञ डॉ. स्वराज रणपिसे ने सेवाएं प्रदान कीं। चिकित्सकों ने मरीजों की जांच कर उनकी स्वास्थ्य समस्याओं के अनुसार परामर्श दिया। चिकित्सा टीम के अन्य सदस्यों ने भी मरीजों की सहायता और शिविर के संचालन में योगदान दिया।

बेटी की स्मृति को जनसेवा से जोड़ा

स्वर्गीय दिव्यांशी वीरवाल की स्मृति में आयोजित यह शिविर परिवार की ओर से श्रद्धांजलि अर्पित करने की भावुक पहल रहा। अशोक वीरवाल एवं अनीता वीरवाल ने अपनी बेटी की याद को मानव सेवा और जनकल्याण से जोड़कर जरूरतमंदों की सहायता का संदेश दिया।

शिविर के माध्यम से 200 से अधिक लोगों को निःशुल्क स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिला। इस पहल ने समाज में स्वास्थ्य जागरूकता, संवेदनशीलता और सेवा भावना को बढ़ावा देने के साथ यह संदेश दिया कि अपनों की स्मृति को जनसेवा के कार्यों से भी हमेशा जीवंत रखा जा सकता है।


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