उदयपुर। अखिल भारतीय औदिच्य महासभा ने संगठन के विस्तार और सामाजिक गतिविधियों को और अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण नियुक्ति करते हुए विजय याग्निक को राजस्थान प्रदेश उपाध्यक्ष पद की जिम्मेदारी सौंपी है। उनकी नियुक्ति संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष सत्यनारायण त्रिवेदी, राष्ट्रीय महामंत्री डॉ. रवि ठक्कर एवं राष्ट्रीय उपाध्यक्ष गोपी वल्लभ तिवाड़ी की सहमति से की गई।
राजस्थान प्रदेश अध्यक्ष मनोज भाई दवे एवं प्रदेश महामंत्री मुकेश आचार्य ने विजय याग्निक को राजस्थान उपाध्यक्ष पद पर नियुक्त किया। नियुक्ति की घोषणा के साथ ही संगठन से जुड़े पदाधिकारियों और समाजजनों ने उन्हें बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।
अखिल भारतीय औदिच्य महासभा की ओर से उम्मीद जताई गई कि विजय याग्निक अपनी नई जिम्मेदारी का प्रभावी ढंग से निर्वहन करते हुए संगठन को प्रदेश स्तर पर और अधिक मजबूत बनाने में योगदान देंगे। साथ ही समाज के लोगों को एकजुट करने, सामाजिक गतिविधियों को बढ़ावा देने और समाजहित से जुड़े विषयों को प्रभावी तरीके से आगे रखने में उनकी भूमिका महत्वपूर्ण रहेगी।
नियुक्ति के अवसर पर संगठन पदाधिकारियों ने कहा कि महासभा लगातार संगठन को मजबूत करने और समाज के विभिन्न वर्गों को एक मंच से जोड़ने के लिए प्रयासरत है। ऐसे में नई जिम्मेदारियों के माध्यम से संगठन की गतिविधियों को प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों तक पहुंचाने और अधिक सक्रिय बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
विजय याग्निक की नियुक्ति के बाद औदिच्य समाज में भी शुभकामनाओं का दौर रहा। समाजजनों ने उम्मीद जताई कि वे संगठन के उद्देश्यों के अनुरूप सक्रिय भूमिका निभाते हुए सामाजिक एकजुटता, संगठनात्मक मजबूती और समाजहित के कार्यों को आगे बढ़ाने में अपना योगदान देंगे।
महासभा की ओर से विश्वास व्यक्त किया गया कि विजय याग्निक के अनुभव और सक्रिय सहभागिता से अखिल भारतीय औदिच्य महासभा के राजस्थान संगठन को नई मजबूती मिलेगी और सामाजिक एवं वैचारिक गतिविधियों को प्रदेश स्तर पर और विस्तार मिलेगा।
