विज्ञान समिति के प्रबुद्ध चिंतन प्रकोष्ठ के अंतर्गत नवम्बर माह में ” प्रतिभा पलायन ” पर परिचर्चा का आयोजन किया गया। मीडिया प्रभारी प्रोफेसर विमल शर्मा ने बताया की आज की परिचर्चा मैं उपस्थित सभी 25 विद्वानों ने अपने-अपने विचार रखकर सक्रिय भागीदारी निभाई। चर्चा से उभरा कि देश की नीतियाँ, अवसरों की कमी, संसाधनों के उपयोग में कठिनाइयाँ, विदेशों के प्रति आकर्षण तथा नीति निर्धारकों द्वारा सहानुभूति की कमी आदि अनेक कारण हैं, जिनसे देश की प्रतिष्ठित संस्थाओं (आईआईटी, आईआईएम, ऐम्स) से शिक्षा एवं प्रशिक्षण प्राप्त युवा विदेश जाकर अपनी सेवाओं से उन देशों के आर्थिक उत्थान में योगदान दे रहे हैं | इससे हमारे देश के संसाधनों का उपयोग देश की आर्थिक प्रगति में नहीं हो पा रहा। परिचर्चा की अध्यक्षता समिति के अध्यक्ष प्रो. महीप भटनागर ने की। प्रबुद्ध चिंतन प्रकोष्ठ के प्रभारी मुनीष गोयल ने सभी वक्ताओं के विचारों को विस्तार से कलमबद्ध कर एक विस्तृत रिपोर्ट सरकार को प्रेषित करने हेतु तैयार की है। इस विषय पर डॉ. के.एल. कोठारी, डॉ. आर.के. गर्ग सहित सभी विद्वानों ने अपनीअपनी दृष्टि से विभिन्न पक्ष प्रस्तुत किए।

