
उदयपुर जिले के कुराबड़ थाना क्षेत्र के जगत कस्बे से एक सनसनीखेज वारदात का पर्दाफाश हुआ है, जहाँ आधी रात के सन्नाटे में एक हँसते-खेलते परिवार की खुशियों को गोलियों से छलनी करने की कोशिश की गई थी। घटना 27 दिसंबर 2025 की उस रात की है, जब किशन लाल का परिवार दिनभर की थकान के बाद मीठी नींद सो रहा था। रात के करीब एक से दो बजे के बीच अचानक एक जोरदार धमाका हुआ, जिसने परिवार की नींद तो खराब की, लेकिन किसी अनहोनी के डर से अनजान परिजनों ने उसे सामान्य पटाखा समझकर नजरअंदाज कर दिया। उन्हें जरा भी इल्म नहीं था कि काल उनके दरवाजे तक दस्तक दे चुका है।
सुबह जब सूरज की पहली किरण के साथ परिवार जागा, तो घर के मुख्य हॉल के दरवाजे और ग्रेनाइट की चौखट पर गोलियों के निशान देखकर उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। प्लास्टर में गहरा गड्ढा और टूटा हुआ पत्थर इस बात की गवाही दे रहा था कि रात के अंधेरे में किसी ने जानलेवा हमले की खौफनाक साजिश रची थी। इस खौफनाक मंजर ने न केवल परिवार को दहला दिया, बल्कि पूरे शांत कस्बे में दहशत का माहौल पैदा कर दिया। घर की दहलीज पर हुए इस वार ने सुरक्षा और आपसी विश्वास पर गहरे सवाल खड़े कर दिए थे।
पुलिस अधीक्षक योगेश गोयल के कड़े निर्देशों के बाद कुराबड़ पुलिस ने जब इस गुत्थी को सुलझाना शुरू किया, तो तकनीकी साक्ष्यों और गहन पड़ताल के बाद इस साजिश का पर्दाफाश हुआ। पुलिस ने चरमर तालाब निवासी मावाराम, गणेश लाल और लक्ष्मण लाल को धर दबोचा, जिन्होंने पूछताछ में फायरिंग की इस खौफनाक वारदात को अंजाम देना स्वीकार कर लिया है। पकड़े गए इन आरोपियों से अब यह जानने की कोशिश की जा रही है कि आखिर एक सोते हुए परिवार से उनकी क्या दुश्मनी थी, जो उन्होंने बंदूक के दम पर किसी की जिंदगी छीनने की कोशिश की। इस खुलासे के बाद क्षेत्र के लोगों ने राहत की सांस तो ली है, लेकिन अपनों के बीच छुपे ऐसे ‘शिकारियों’ ने सामाजिक ताने-बाने को झकझोर कर रख दिया है।
