उदयपुर। दो करोड़ रुपए के रिश्वत मामले में गिरफ्तार SOG के ASP मुकेश कुमार सोनी और कथित दलाल सज्जन सिंह जैन से जुड़े मामले में शिकायतकर्ता निरंजन मोगरा ने कई गंभीर आरोप लगाए हैं। मोगरा के अनुसार, उनके घर से जब्त की गई सोने की घड़ी, बैंगल और DVR को जब्ती रिकॉर्ड में शामिल नहीं किया गया। इन सामानों की कीमत करीब 6 से 7 लाख रुपए बताई गई है।
शिकायतकर्ता का आरोप है कि 25 अगस्त को जमानत के बाद जब वे घर पहुंचे तो जब्त किए गए ये सामान वहां नहीं मिले। मोगरा के मुताबिक, जब उन्होंने स्टाफ से इस बारे में जानकारी मांगी तो उन्हें बताया गया कि इस संबंध में ASP ही जानकारी दे पाएंगे।
मोगरा ने दावा किया कि 4 अगस्त को उनकी और उनकी पत्नी हेमलता कांकरिया की गिरफ्तारी के दौरान घर से करीब 2 किलो सोने के जेवर और 11 लाख रुपए भी जब्त किए गए थे। उनका यह भी आरोप है कि SOG कार्यालय में एक रीडर ने उनकी पत्नी से SBI के खाली चेक पर हस्ताक्षर करवाए।

पहले 1 करोड़, फिर 2 करोड़ रुपए की मांग का आरोप
शिकायतकर्ता के अनुसार, दलाल सज्जन सिंह जैन ने उनसे पहले एक करोड़ रुपए की मांग की थी। बाद में कथित तौर पर यह रकम बढ़ाकर दो करोड़ रुपए कर दी गई। मोगरा का आरोप है कि दलाल ने केस को हल्का करवाने और जब्त सामान छुड़ाने की बात कही थी।
मोगरा के मुताबिक, इसके बाद सज्जन सिंह उन्हें फतहसागर झील के किनारे रानी रोड ले गया, जहां कुछ देर बाद ASP मुकेश सोनी भी निजी कार से पहुंचे। शिकायतकर्ता का दावा है कि कार में रिश्वत की रकम को लेकर बातचीत हुई। मोगरा ने रकम कम करने की बात कही, लेकिन आरोप के अनुसार ASP चुप रहे और करीब पांच मिनट बाद मोबाइल स्क्रीन पर “2CR” लिखा।
30 सितंबर से पहले पैसे देने की बात का आरोप
शिकायतकर्ता ने दावा किया कि मुलाकात के दौरान ASP मुकेश सोनी ने कहा था कि वह 30 सितंबर को चार्जशीट पेश कर देंगे और उससे पहले व्यवस्था करने को कहा था।
272 प्लॉट घोटाले से जुड़ा है मामला
यह पूरा मामला उदयपुर नगर निगम के कथित 272 प्लॉट घोटाले से जुड़ा बताया जा रहा है। आरोप है कि UIT से नगर निगम को हस्तांतरित खाली जमीनों के फर्जी दस्तावेज और लीज डीड तैयार कराकर फर्जी नामांतरण करवाए गए और बाद में इन प्लॉटों को बेच दिया गया।
वर्ष 2022 में नगर निगम की ओर से सूरजपोल थाने में FIR दर्ज कराई गई थी। इसी मामले की जांच SOG कर रही है। 4 अगस्त 2026 को SOG ने पूर्व जिला अल्पसंख्यक अधिकारी हेमलता कांकरिया और उनके पति निरंजन मोगरा को गिरफ्तार किया था।
इसी मामले में जब्त सामान छोड़ने और केस को हल्का करने के नाम पर कथित तौर पर रिश्वत मांगने का आरोप सामने आया। ACB उदयपुर ने कथित तौर पर दो करोड़ रुपए की रिश्वत लेते दलाल सज्जन सिंह जैन को गिरफ्तार किया था, जबकि इसके बाद ASP मुकेश कुमार सोनी को भी गिरफ्तार किया गया।
