
उदयपुर। शहर के भट्ट जी की बाड़ी क्षेत्र में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की टीम ने एक बड़े फर्जीवाड़े का पर्दाफाश करते हुए ‘द बाउंस हेयर एंड स्किन क्लीनिक’ पर बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अशोक आदित्य के नेतृत्व में की गई इस छापेमारी ने शहर में अवैध रूप से चल रहे क्लीनिकों के नेटवर्क की पोल खोलकर रख दी है। विभाग को लंबे समय से शिकायत मिल रही थी कि इस सेंटर पर नियमों को ताक पर रखकर मरीजों का उपचार किया जा रहा है और दवाओं का अवैध भंडारण हो रहा है।
जब शहर प्रभारी डॉ. कैलाश शर्मा और डॉ. अंकुर शर्मा की टीम ने क्लीनिक के भीतर प्रवेश किया तो वहां का नजारा देख अधिकारी भी हैरान रह गए। क्लीनिक में कोई भी योग्य चिकित्सक मौजूद नहीं था और पूरे केंद्र का संचालन बिना किसी वैध पंजीकरण के किया जा रहा था। जांच के दौरान यह तथ्य सामने आया कि संचालक मनोज तिवारी के पास न तो कोई मेडिकल डिग्री है और न ही क्लीनिक के पास प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड या बायोमेडिकल वेस्ट मैनेजमेंट का कोई प्रमाण पत्र मिला। नियमों के विरुद्ध चल रहे इस क्लीनिक में मात्र एक फार्मासिस्ट के लाइसेंस का दुरुपयोग कर दवाइयों की खरीद की जा रही थी।
मामले की गंभीरता को देखते हुए मौके पर जिला औषधि नियंत्रण विभाग की टीम को भी बुलाया गया, जिन्होंने वहां मौजूद दवाओं के स्टॉक को अपनी जांच के घेरे में लिया। विभाग की इस औचक कार्रवाई से इलाके में हड़कंप मच गया और आस-पास के अन्य निजी सेंटरों के संचालक भी सतर्क हो गए। सीएमएचओ डॉ. अशोक आदित्य ने स्पष्ट किया कि आम जनता की जान से खिलवाड़ करने वाले किसी भी फर्जी संस्थान को बख्शा नहीं जाएगा। हाथीपोल पुलिस थाने में संचालक के खिलाफ धोखाधड़ी और मेडिकल एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। प्रशासन अब यह पता लगाने का प्रयास कर रहा है कि बिना किसी डिग्री के यह क्लीनिक कितने समय से संचालित था और अब तक कितने लोग इसके झांसे में आ चुके हैं।
