बैंक घोटाले में 8 साल से फरार 2 आरोपी गिरफ्तार, फर्जी दस्तावेजों से करोड़ों हड़पने का आरोप

जयपुर। माणक चौक थाना पुलिस ने वर्ष 2018 में सामने आए बहुचर्चित बैंक घोटाले के मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए 8 साल से फरार चल रहे दो वांछित आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने दोनों आरोपियों पर 10-10 हजार रुपये का इनाम घोषित कर रखा था। तकनीकी सूचना और मुखबिर तंत्र के जरिए पुलिस ने दोनों की लोकेशन ट्रेस कर दबिश दी और उन्हें पकड़ लिया।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान प्रकाश भारद्वाज (54) और निशा भारद्वाज (48), निवासी प्रतापनगर, सांगानेर के रूप में हुई है। पुलिस अब दोनों आरोपियों से पूछताछ कर रही है। पूछताछ में बैंक घोटाले में उनकी भूमिका, कथित लेन-देन और अन्य आरोपियों से उनके संबंधों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है।

2018 में दर्ज हुआ था बैंक घोटाले का मामला

पुलिस के अनुसार वर्ष 2018 में माणक चौक थाना क्षेत्र स्थित राजस्थान मरुधरा ग्रामीण सहकारी बैंक लिमिटेड, जयपुर में कथित बैंक घोटाले का मामला सामने आया था। इस मामले में बैंक के पूर्व अध्यक्ष, तत्कालीन पदाधिकारी, कर्मचारी, ऋणी, गारंटर, वैल्यूअर और अधिवक्ताओं सहित कुल 59 लोगों को आरोपी बनाया गया था।

जांच में आरोप लगाया गया कि आरोपियों ने आपस में मिलीभगत कर बैंक के साथ धोखाधड़ी की। संपत्तियों के पट्टे और विवादित या जमा संपत्तियों से जुड़े दस्तावेजों को बैंक में गिरवी रखकर कथित तौर पर नियमों के विपरीत करीब 13 ऋण खाते स्वीकृत करवाए गए। इसके बाद बैंक की करोड़ों रुपये की राशि हड़पने और बैंक को आर्थिक नुकसान पहुंचाने का आरोप है।

जांच के बाद सामने आया था घोटाला

पुलिस के मुताबिक उप रजिस्ट्रार, सहकारिता समितियां, जयपुर शहर की ओर से कराई गई जांच में मामले का खुलासा हुआ था। इसके बाद बैंक के अधिकृत ऋण प्रभारी सदस्य ने माणक चौक थाने में शिकायत दर्ज कराई।

शिकायत के आधार पर पुलिस ने धोखाधड़ी, फर्जी दस्तावेज तैयार करने और उनका इस्तेमाल करने तथा आपराधिक षड्यंत्र से जुड़ी धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी।

पुलिस से बचने के लिए बदल रहे थे ठिकाने

मामले में लंबे समय से फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए माणक चौक थाना पुलिस की विशेष टीम गठित की गई। टीम ने तकनीकी इंटेलिजेंस और मुखबिर तंत्र की मदद से फरार आरोपियों के संभावित ठिकानों की जानकारी जुटाई।

पुलिस के अनुसार दोनों आरोपी गिरफ्तारी से बचने के लिए लगातार अपने रहने के स्थान और ठिकाने बदल रहे थे। पुलिस टीम उनकी गतिविधियों पर लगातार नजर बनाए हुए थी। आखिरकार उनकी सही लोकेशन का पता चलने के बाद टीम ने दबिश देकर दोनों को गिरफ्तार कर लिया।

फिलहाल दोनों आरोपियों से पूछताछ जारी है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि बैंक घोटाले में उनकी कथित भूमिका क्या थी और इस पूरे मामले में उनके साथ कौन-कौन लोग जुड़े हुए थे। मामले में आगे की जांच जारी है।

Spread the love