छत को बना दिया अफीम का बागान, शहर के बीचों-बीच टबों में लहलहा रहे थे नशीले पौधे देख पुलिस भी दंग

राजस्थान के चित्तौड़गढ़ में मादक पदार्थों के खिलाफ चल रहे अभियान के दौरान पुलिस ने एक ऐसी कार्रवाई को अंजाम दिया है, जिसने न केवल सुरक्षा एजेंसियों को हैरत में डाल दिया बल्कि अपराधियों के दुस्साहस की नई कहानी भी बयां की है। आमतौर पर अफीम की अवैध खेती पुलिस की नजरों से बचने के लिए दूर-दराज के खेतों या सरहदों पर छिपकर की जाती है, लेकिन शहर के तिलक नगर (सेंती) इलाके में एक शख्स ने अपने घर की छत को ही अफीम की नर्सरी बना डाला।

सदर थानाधिकारी प्रेम सिंह को मुखबिर से सूचना मिली थी कि रिहायशी इलाके के एक मकान की छत पर संदिग्ध पौधे उगाए जा रहे हैं। इस गुप्त सूचना पर जब पुलिस टीम ने तिलक नगर निवासी उदयलाल गुर्जर के घर पर छापा मारा, तो वहां का नजारा देख हर कोई हक्का-बक्का रह गया। आरोपी ने छत पर करीने से 10 प्लास्टिक के टब सजा रखे थे, जिनमें अफीम की फसल पूरी तरह लहलहा रही थी। पुलिस अधीक्षक मनीष त्रिपाठी के अनुसार, सघन तलाशी के दौरान इन टबों से अफीम के कुल 352 पौधे बरामद किए गए हैं।

अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सरिता सिंह और डिप्टी बृजेश सिंह के मार्गदर्शन में की गई इस त्वरित कार्रवाई के बाद आरोपी उदयलाल को एनडीपीएस (NDPS) एक्ट के तहत गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस ने नशीले पौधों को जब्त कर मामले की गहराई से जांच शुरू कर दी है। अब पुलिस इस गुत्थी को सुलझाने में जुटी है कि आरोपी ने इन पौधों के बीज कहां से हासिल किए और क्या वह अफीम के दूध की तस्करी करने वाले किसी बड़े गिरोह का हिस्सा है। शहर के रिहायशी इलाके के बीचों-बीच इस तरह ‘नशे की खेती’ का भंडाफोड़ होने के बाद पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई है।

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