
जयपुर। राजधानी जयपुर के शास्त्री नगर इलाके में पुलिस ने एक हाई-प्रोफाइल ड्रग रैकेट का खुलासा करते हुए ‘ड्रग वाली गर्लफ्रेंड’ के नाम से कुख्यात महिला तस्कर को गिरफ्तार किया है। आरोपी महिला का तरीका किसी क्राइम थ्रिलर फिल्म से कम नहीं था—पहले दोस्ती, फिर प्यार का जाल और आखिर में ब्लैकमेल कर युवाओं को ड्रग्स तस्करी में धकेलना।
जयपुर कमिश्नरेट के ‘ऑपरेशन क्लीन स्वीप’ के तहत पुलिस ने इस पूरे गिरोह को बेनकाब किया। गिरफ्तार महिला की पहचान मीनू गुप्ता के रूप में हुई है, जबकि उसके साथी सिकंदर को भी झोटवाड़ा इलाके से पकड़ा गया है।
हुस्न के जाल में फंसाकर बनाती थी तस्कर
डीसीपी करण शर्मा के मुताबिक, मीनू गुप्ता बेहद शातिर तरीके से काम करती थी। वह खुद को होमगार्ड बताकर युवाओं से संपर्क साधती और धीरे-धीरे उन्हें अपने प्रेमजाल में फंसा लेती थी। इसके बाद वह उन्हें डरा-धमकाकर नशीले पदार्थों की तस्करी के लिए मजबूर करती थी।
पुलिस ने खेला ‘दोस्ती’ का दांव
मामले की सूचना मिलने पर शास्त्री नगर थाना पुलिस ने अनोखी रणनीति अपनाई। आरपीएस विमला के नेतृत्व में टीम बनाई गई, जिसमें पुलिसकर्मी सादे कपड़ों में मीनू के करीब पहुंचे और उससे दोस्ती कर ली।
धीरे-धीरे पुलिस ने उसका भरोसा जीत लिया। जैसे ही मीनू को लगा कि ये नए लोग उसके ‘काम’ के लिए तैयार हैं, उसने उन्हें ड्रग्स डिलीवरी का ऑफर दिया।
सौदा तय होते ही दबोची गई ‘लेडी डॉन’
जैसे ही ड्रग्स की डील फाइनल हुई और मीनू माल लेकर पहुंची, पहले से घात लगाए बैठी पुलिस टीम ने उसे मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया।
लाखों की ड्रग्स बरामद
कार्रवाई के दौरान पुलिस ने आरोपियों के पास से 150 ग्राम एमडी और 2 किलो गांजा बरामद किया है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इनकी कीमत लाखों रुपए बताई जा रही है।
इस पूरे ऑपरेशन में एसएचओ दिलीप सिंह सहित पुलिस टीम के अन्य सदस्यों की अहम भूमिका रही। फिलहाल पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि इस नेटवर्क के जरिए अब तक कितने युवाओं को फंसाया गया और इसके पीछे कौन सा बड़ा ड्रग सिंडिकेट काम कर रहा है।
👉 यह कार्रवाई साफ संकेत है कि सोशल मीडिया और ‘दोस्ती’ के नाम पर चल रहे ड्रग रैकेट्स पर पुलिस अब सख्ती से नकेल कस रही है।
