
सीकर/खाटूश्यामजी। राजस्थान के सुप्रसिद्ध धार्मिक स्थलों पर आस्था लेकर आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा अब राम भरोसे नजर आ रही है। चित्तौड़गढ़ के सांवलिया सेठ मंदिर में मध्य प्रदेश के भक्त के साथ हुई मारपीट की आग अभी ठंडी भी नहीं हुई थी कि अब खाटूश्यामजी के पावन धाम से एक और शर्मनाक वीडियो सामने आया है। यहां पार्किंग पर्ची के मामूली विवाद ने ऐसा तूल पकड़ा कि पार्किंग संचालक ने बाबा के दरबार में आए प्रवासी भक्तों पर हाथ उठा दिया। सोशल मीडिया पर ‘श्याम भक्तों के साथ पार्किंग वालों की दादागिरी’ के नाम से वायरल हुए इस वीडियो ने पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली और श्रद्धालुओं की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
घटनाक्रम के अनुसार, यह शर्मनाक वाकया 20 दिसंबर का बताया जा रहा है जब रोडवेज बस स्टैंड के पास स्थित एक निजी पार्किंग में पार्किंग पर्ची कटवाने को लेकर प्रवासी भक्तों और पार्किंग कर्मियों के बीच कहासुनी हो गई। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि पार्किंग संचालक ने मर्यादा की तमाम सीमाएं लांघते हुए पुरुष और महिला श्रद्धालुओं के साथ सरेराह हाथापाई शुरू कर दी। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि किस तरह आस्था के केंद्र पर सेवा के नाम पर वसूली करने वाले लोग भक्तों के साथ ‘बाहुबली’ बनकर पेश आ रहे हैं। इस घटना ने पूरे प्रदेश के श्याम भक्तों में भारी रोष पैदा कर दिया है और लोग इसे बाबा श्याम की गरिमा पर गहरी चोट बता रहे हैं।
मामले की गंभीरता को देखते हुए खाटूश्यामजी पुलिस ने त्वरित एक्शन लिया और सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो का स्वतः संज्ञान लेते हुए जांच शुरू की। पुलिस दल के साथ मौके पर पहुंचे एचएम राहुल चौधरी ने जब पार्किंग संचालक को समझाने का प्रयास किया, तो वह वहां भी उलझता नजर आया। इसके बाद पुलिस ने सख्त रुख अख्तियार करते हुए आरोपी पार्किंग संचालक हरिराम को दबोच कर सलाखों के पीछे पहुंचा दिया। पुलिस का स्पष्ट संदेश है कि आस्था के केंद्रों पर श्रद्धालुओं के साथ किसी भी तरह का दुर्व्यवहार या कानून हाथ में लेना बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। हालांकि, लगातार हो रही ऐसी घटनाओं ने पर्यटन और तीर्थाटन के लिहाज से राजस्थान की छवि पर नकारात्मक असर डालना शुरू कर दिया है।
सांवलिया मंदिर मामला भी आया चर्चा में
इधर, आपको बताते चले कि चित्तौडग़ढ़ जिले के मंडफिया स्थित सांवलिया सेठ मंदिर में भी हाल ही में एक श्रद्धालु के साथ मारपीट का मामला सामने आया था। आरोप है कि मध्यप्रदेश से आए श्रद्धालु प्रियांशु को फोटो-वीडियो बनाने पर मंदिर में तैनात निजी सिक्योरिटी गार्ड ने पीट दिया। पीडि़त का दावा है कि मारपीट से उसकी नाक और पैर से खून बहने लगा, वहीं वीडियो डिलीट करवाकर समझौते का दबाव भी बनाया गया। हालांकि पुलिस का कहना है कि मंदिर मंडल ने दोनों पक्षों में समझौता करवा दिया, लेकिन शिकायत नहीं लेने और ढीली कार्रवाई को लेकर सवाल उठते रहे।
पहले भी हो चुकी है मारपीट
बता दें कि इससे पहले भी खाटू श्याम में श्रद्धालुओं के साथ मारपीट की घटना हो चुकी है। पहली घटना 11 जुलाई 2025 की है, यहां मध्यप्रदेश से आए परिवार से दुकानदारों ने शेड के नीचे खड़े होने पर मारपीट की थी। इसके बाद महज चार बाद ही 15 जुलाई को यहां महिला श्रद्धालु से जीप चालक ने किराया विवाद को लेकर 5 से 7 थप्पड़ जड़ दिए थे। 6 सिंतबर की रात को भी यहां दानपात्र को लेकर लाठी- डंडों से युद्ध हुआ था। 5 सिंतबर को यहां व्यापार मंडल के अध्यक्ष ने भी पुलिस पर मारपीट का आरोप लगाया था।
