हाथों में जली रोटियां लेकर कलेक्ट्रेट पहुंचीं बेटियां

कस्तूरबा गांधी हॉस्टल की छात्राओं का फूटा गुस्सा, बोलीं- खाने में कीड़े, अब या तो वार्डन रहेगी या हम

बांसवाड़ा। शहर के कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका छात्रावास की व्यवस्थाओं की पोल उस समय खुल गई, जब मंगलवार सुबह हॉस्टल की दर्जनों छात्राएं हाथों में जली हुई रोटियां और पोहे लेकर कलेक्ट्रेट पहुंच गईं। हॉस्टल प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए छात्राओं ने दो टूक शब्दों में चेतावनी दी कि यदि वार्डन को नहीं हटाया गया, तो वे सामूहिक रूप से छात्रावास खाली कर देंगी।

छात्राओं का आरोप है कि उन्हें जानवरों जैसा खाना दिया जा रहा है और विरोध करने पर अभद्र व्यवहार किया जाता है। सब्जी में पानी और कीड़े, 20 दिन से सिर्फ रूखा पोहा कलेक्ट्रेट पहुंची छात्राओं ने अपना दर्द बयां करते हुए बताया कि हॉस्टल में मेन्यू के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति हो रही है। सब्जियों में कीड़े निकलते हैं और वे खाने लायक नहीं होतीं। रोटियां या तो जली हुई होती हैं या कच्ची। पिछले 20 दिनों से नाश्ते में केवल सादा पोहा दिया जा रहा है, जिसमें सेव तक नहीं होती। 12वीं की छात्राओं ने बताया कि हालत यह है कि वे खुद खाना बनाने को मजबूर हैं, लेकिन जब कुक से शिकायत करती हैं, तो वह अभद्र भाषा का प्रयोग करती है।
वार्डन पर गंभीर आरोप
न स्वेटर मिला, न गर्म पानी छात्राओं ने वार्डन ममता सोलंकी पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि मैडम हॉस्टल में रुकती ही नहीं हैं, वे केवल रजिस्टर में साइन करने आती हैं। सर्दी के इस मौसम में अब तक न तो स्वेटर दिए गए हैं और न ही नहाने के लिए गर्म पानी की सुविधा है। छात्राओं का कहना है कि उन्हें कोचिंग जाने से रोका जाता है और जो सामान उन्हें मिला ही नहीं, उस पर जबरन साइन करवा लिए जाते हैं।

यहां तक कि बीमार होने पर गलत दवाइयां दी जा रही हैं और कंप्यूटर रूम जालों से भरा पड़ा है। परीक्षा सिर पर, न्याय की गुहार छात्राओं ने बताया कि उनकी परीक्षाएं नजदीक हैं, लेकिन हॉस्टल के इस माहौल और मानसिक प्रताड़ना के कारण वे पढ़ाई नहीं कर पा रही हैं। छात्राओं ने आरोप लगाया कि मैडम उन्हें जबरन घर भेज देती हैं और सालों से छात्रवृत्ति का भी कोई हिसाब नहीं दिया गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए अतिरिक्त जिला परियोजना समन्वयक विनोद कुमार ने कहा कि शिकायत पहली बार आई है और इसकी गहन जांच कर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

Spread the love