निम्स यूनिवर्सिटी का ‘गुरु वंदन’ कार्यक्रम आयोजित, 100 करोड़ रुपए की छात्रवृत्ति का बड़ा ऐलान

उदयपुर। एशिया की अग्रणी शिक्षण संस्थाओं में शामिल निम्स यूनिवर्सिटी, जयपुर द्वारा गुरुजनों के सम्मान में ‘गुरु वंदन कार्यक्रम’ का भव्य आयोजन शोभागपुरा स्थित हावर्ड जॉन्सन होटल में किया गया। कार्यक्रम में शिक्षा जगत से जुड़े अनेक गणमान्य अतिथियों की गरिमामय उपस्थिति रही।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि ग्रामीण विधायक फूल सिंह मीणा रहे। इस अवसर पर उदयपुर सहित आसपास के जिलों से करीब 150 स्कूल निदेशक, प्राचार्य एवं वरिष्ठ शिक्षक उपस्थित रहे।
100 करोड़ रुपए की छात्रवृत्ति का ऐतिहासिक निर्णय
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए निम्स यूनिवर्सिटी, जयपुर के कार्यकारी अध्यक्ष संतोष नायर ने शिक्षा के क्षेत्र में एक बड़ा और ऐतिहासिक ऐलान किया। उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय द्वारा 100 करोड़ रुपए की छात्रवृत्ति मेधावी विद्यार्थियों को प्रदान की जाएगी।
उन्होंने कहा कि निम्स यूनिवर्सिटी का विश्वास है कि हर विद्यार्थी में कोई न कोई विशेष प्रतिभा होती है। आवश्यकता है उस प्रतिभा को पहचानने और निखारने की। आर्थिक अभाव किसी भी छात्र की शिक्षा में बाधा नहीं बनना चाहिए।
NExCT एंट्रेंस एग्जाम से मिलेगा उच्च शिक्षा का अवसर
नायर ने जानकारी दी कि उदयपुर एवं आसपास के जिलों के 12वीं उत्तीर्ण विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के लिए प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से फरवरी माह से ‘निम्स यूनिवर्सिटी एंट्रेंस एग्जाम (NExCT)’ का आयोजन किया जाएगा।
इस स्कॉलरशिप परीक्षा के माध्यम से विद्यार्थियों को मेरिट के आधार पर 15 प्रतिशत से लेकर 100 प्रतिशत तक छात्रवृत्ति प्रदान की जाएगी।
आधुनिक पाठ्यक्रम और इंडस्ट्री एक्सपोज़र
छात्रवृत्ति प्राप्त करने वाले विद्यार्थी निम्स यूनिवर्सिटी में संचालित विभिन्न प्रोफेशनल एवं आधुनिक पाठ्यक्रमों में प्रवेश ले सकेंगे।
नायर ने बताया कि नए पाठ्यक्रमों के अंतर्गत छात्रों को गूगल, माइक्रोसॉफ्ट सहित अन्य प्रतिष्ठित कंपनियों के विशेषज्ञों द्वारा प्रशिक्षण दिया जाएगा, जिससे उन्हें पढ़ाई के साथ-साथ बेहतर रोजगार के अवसर भी उपलब्ध हो सकेंगे।
शिक्षकों का सम्मान, शिक्षा की गुणवत्ता पर मंथन
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित शिक्षकों का सम्मान किया गया तथा शिक्षा की गुणवत्ता को और अधिक बेहतर बनाने को लेकर विचार-विमर्श किया गया। वक्ताओं ने गुरु-शिष्य परंपरा को भारतीय संस्कृति की आत्मा बताते हुए शिक्षकों की भूमिका को राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण बताया।
कार्यक्रम का समापन सकारात्मक संदेश और शिक्षा के उज्ज्वल भविष्य की प्रतिबद्धता के साथ हुआ।

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