
निंबाहेड़ा/रतलाम। रेल सफर के दौरान एक दर्दनाक हादसे में निंबाहेड़ा के एडीजे (अतिरिक्त जिला जज) राजकुमार चौहान की पत्नी उषा चौहान की मौत हो गई। बुधवार को कांचीगुड़ा-भगत की कोठी एक्सप्रेस के टॉयलेट में उनका शव मिलने से हड़कंप मच गया। प्राथमिक जांच में डॉक्टरों ने मौत की वजह ‘साइलेंट हार्ट अटैक’ बताई है। रोंगटे खड़े कर देने वाली बात यह रही कि एडीजे चौहान निंबाहेड़ा स्टेशन पर उतरकर पत्नी का इंतजार करते रहे, जबकि उनकी पत्नी का शव ट्रेन के बंद टॉयलेट में मीलों दूर तक चलता रहा।
जानकारी के अनुसार, दंपती सोयत स्टेशन से निंबाहेड़ा के लिए ट्रेन में सवार हुए थे। दोनों का रिजर्वेशन अलग-अलग कोच में था। निंबाहेड़ा पहुंचने से कुछ समय पहले उषा चौहान ने पति को फोन कर बताया था कि वह वॉशरूम जा रही हैं। जब ट्रेन निंबाहेड़ा पहुंची, तो एडीजे राजकुमार चौहान अपने कोच से नीचे उतर गए, लेकिन काफी देर इंतजार के बाद भी उनकी पत्नी बाहर नहीं आईं। ट्रेन प्लेटफॉर्म से रवाना हो गई, जिसके बाद परेशान जज ने तुरंत जीआरपी को सूचना दी।
पुलिस ने जब उषा चौहान के मोबाइल की लोकेशन ट्रेस की, तो वह चलती ट्रेन के भीतर ही मिली। जीआरपी ने पहले मंदसौर स्टेशन पर ट्रेन रुकवाकर तलाश की, लेकिन सफलता नहीं मिली। आखिरकार रतलाम जिले के जावरा स्टेशन पर ट्रेन को रोककर सघन तलाशी ली गई। जब कोच का टॉयलेट अंदर से बंद मिला, तो शक होने पर पुलिस ने दरवाजा तोड़ा। अंदर उषा चौहान अचेत अवस्था में गिरी हुई थीं। उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
जावरा के डॉक्टरों के मुताबिक, टॉयलेट के भीतर ही उन्हें अचानक साइलेंट अटैक आया, जिससे उन्हें संभलने या मदद मांगने का मौका भी नहीं मिला। सूचना मिलते ही एडीजे चौहान और अन्य परिजन जावरा पहुंचे। परिजनों ने शव का पोस्टमॉर्टम कराने से इनकार कर दिया, जिसके बाद पुलिस ने शव उन्हें सौंप दिया। उषा चौहान का अंतिम संस्कार उनके पैतृक शहर जोधपुर में किया जाएगा।
