खाकी का ‘डिकॉय ऑपरेशन’, डीजीपी ने तोड़ा बजरी माफिया और पुलिस का गठबंधन, 11 थानेदारों पर गिरी गाज

जयपुर | समाचार सेवा प्रदेश में बजरी माफियाओं को वर्दी का संरक्षण देने वाले अधिकारियों के खिलाफ पुलिस महानिदेशक राजीव शर्मा ने अब तक की सबसे बड़ी और निर्णायक कार्रवाई को अंजाम दिया है। पुलिस और बजरी माफिया के बीच लंबे समय से चल रहे अपवित्र गठबंधन की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए डीजीपी ने एक बेहद गोपनीय और रणनीतिक ‘डिकॉय ऑपरेशन’ चलाया, जिसने खाकी की साख पर बट्टा लगाने वाले चेहरों को बेनकाब कर दिया है। इस कार्रवाई के तहत भ्रष्टाचार और लापरवाही के दोषी पाए गए 5 थाना प्रभारियों को निलंबित कर दिया गया है, जबकि 6 अन्य को लाइन हाजिर करने के आदेश जारी किए गए हैं। इसके साथ ही विभिन्न थानों के 15 अन्य पुलिसकर्मियों के विरुद्ध भी कड़े अनुशासनात्मक कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं।

इस पूरे ऑपरेशन की रूपरेखा इतनी गुप्त रखी गई थी कि स्थानीय पुलिस को इसकी भनक तक नहीं लगी। डीजीपी द्वारा गठित 11 विशेष टीमों ने 18 और 19 दिसंबर को सादा वर्दी में ‘डिकॉय ऑपरेशन’ चलाया। इन टीमों के सदस्य स्वयं बजरी कारोबारी और मजदूर बनकर उन संवेदनशील इलाकों में पहुंचे जहां अवैध परिवहन की शिकायतें सबसे अधिक थीं। जांच के दौरान यह चौंकाने वाला तथ्य सामने आया कि कई थाना प्रभारी और उनके मातहत सिपाही अवैध बजरी के ट्रकों को रास्ता देने के बदले बाकायदा ‘मंथली’ वसूल रहे थे। कुछ स्थानों पर तो थाना प्रभारी स्वयं सौदेबाजी करते पाए गए, जबकि कुछ जगहों पर सिपाहियों के माध्यम से अवैध वसूली का सिंडिकेट चलाया जा रहा था।

जब इस ऑपरेशन की विस्तृत रिपोर्ट डीजीपी राजीव शर्मा के सामने पेश की गई, तो वे पुलिस महकमे में व्याप्त इस गहरे भ्रष्टाचार को देखकर दंग रह गए। रिपोर्ट में स्पष्ट उल्लेख था कि माफियाओं को बेरोकटोक रास्ता देने के लिए थानों में बाकायदा बोली लगाई जा रही थी। इस रिपोर्ट के आधार पर तत्काल कार्रवाई करते हुए जयपुर आयुक्तालय के शिवदासपुरा, टोंक के पीपलू व बरौनी, अजमेर के पीसांगन और धौलपुर कोतवाली के थाना प्रभारियों को सस्पेंड कर दिया गया। वहीं भीलवाड़ा के गुलाबपुरा, कोटा शहर के कुन्हाड़ी व नांता, दौसा के लालसोट, चित्तौड़गढ़ के गंगरार और जोधपुर आयुक्तालय के लूणी थाने के प्रभारियों को तत्काल प्रभाव से लाइन हाजिर किया गया है।

डीजीपी की इस औचक और सख्त कार्रवाई ने पूरे पुलिस महकमे में हड़कंप मचा दिया है। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी है कि जनता की सुरक्षा और कानून के इकबाल के साथ खिलवाड़ करने वाले किसी भी अधिकारी या कर्मचारी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। रेंज आईजी को पत्र लिखकर दोषी पुलिसकर्मियों के विरुद्ध सख्त विभागीय जांच शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं। इस कार्रवाई को प्रदेश में माफियाराज और पुलिसिया मिलीभगत पर अब तक का सबसे कड़ा प्रहार माना जा रहा है, जिससे यह संदेश गया है कि भविष्य में भी ऐसे गोपनीय ऑपरेशन जारी रहेंगे।

इन 5 SHO को किया गया सस्पेंड

थाना प्रभारी, पुलिस थाना शिवदासपुरा, जयपुर आयुक्तालय।
थाना प्रभारी पुलिस थाना पीपलू, जिला टोंक।
थाना प्रभारी, पुलिस थाना बरौनी, जिला टोंक।
थाना प्रभारी, पुलिस थाना पीसांगन, जिला अजमेर।
थाना प्रभारी, पुलिस थाना कोतवाली, जिला धौलपुर।

इन 6 SHO को किया गया लाइन हाजिर

एसएचओ, पुलिस थाना गुलाबपुरा, जिला भीलवाड़ा।
एसएचओ, पुलिस थाना कुन्हाड़ी, जिला कोटा शहर।
एसएचओ, पुलिस थाना नांता, जिला कोटा शहर।
एसएचओ, पुलिस थाना लालसोट, जिला दौसा।
एसएचओ, पुलिस थाना गंगरार, जिला चित्तौडगढ़।
एसएचओ, पुलिस थाना लूणी, जिला जोधपुर (आयुक्तालय)।

Spread the love