
जयपुर में एक 4 साल के मासूम के दिल के छेद के ऑपरेशन का क्रेडिट लेने की होड़ मची हुई है। जयपुर के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (फर्स्ट) और राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (RBSK) की टीम फ्री में इलाज कराने का दावा कर रही है।
वहीं, परिजन इस दावे को झूठा बता रहा हैं। उनका कहना है बच्चे का ऑपरेशन उन्होंने अपने खर्चे पर सत्य साईं हॉस्पिटल (अहमदाबाद) में कराया है। अब सीएमएचओ के मामले में जांच की बात कह रहे हैं।
ये है पूरा मामला
जयपुर के घाटगेट एरिया के रहने वाले 4 साल के रुद्र के जन्म से दिल में छेद था। करीब तीन साल तक जयपुर में ही जे.के.लोन हॉस्पिटल में उसका इलाज हुआ। इस दौरान बच्चा आंगनबाड़ी जाने लगा।
वहां मौजूद कर्मचारियों बच्चे की हेल्थ की जानकारी सीएमएचओ फर्स्ट के अधीन आने वाली RBSK टीम को दी। टीम के डॉ. कैलाश गर्ग ने बच्चे को चेक किया।
उसे इलाज के लिए जयपुर के नारायणा मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल, प्रताप नगर रेफर कर दिया। आश्वासन दिया कि वहां बच्चे का इलाज फ्री होगा।हॉस्पिटल में जांच और रजिस्ट्रेशन के भी पैसे लिए
परिवार का दावा है कि नारायणा हॉस्पिटल में सबसे पहले डॉक्टर फीस और रजिस्ट्रेशन के नाम पर 300 रुपए लिए गए। यहां हुई जांच में करीब 4 हजार रुपए का खर्च हुआ।
हॉस्पिटल प्रशासन ने बच्चे के ऑपरेशन पर करीब साढ़े 3 लाख रुपए से ज्यादा का खर्चा होने की जानकार दी। लेकिन इसमें से केवल 1 लाख रुपए ही परिजनों को देने की बात कही।
एक लाख रुपए के अभाव में परिजन बच्चे को लेकर वापस घर लौट आए। इस बीच RBSK की टीम ने इस पूरे केस की मॉनिटरिंग के लिए जिस एनजीओ को निर्देश दिए थे, उस एनजीओ और टीम के किसी सदस्यों ने परिजन की कोई मदद नहीं की।
अहमदाबाद हॉस्पिटल में ऑपरेशन कराने पहुंचे
बच्चे के माता प्रेरणा और पिता करण योगी ने बताया- नारायणा हॉस्पिटल में दिखाने के करीब 12 दिन बाद 1 दिसंबर को परिचित की सलाह पर अहमदाबाद पहुंचे।
यहां बच्चे को सत्य साईं हॉस्पिटल में एडमिट कराया। यहां हॉस्पिटल प्रशासन ने उनकी बच्चे को भर्ती किया। दो दिन बाद उसका ऑपरेशन करके उसे 10 दिन बाद छुट्टी दे दी।
सीएमएचओ की टीम ने बताया अपनी उपलब्धि
ऑपरेशन होने के करीब एक माह बाद जयपुर सीएमएचओ फर्स्ट और उनकी टीम ने इस पूरे केस को RBSK की टीम का अहम प्रयास बताया। उन्होंने ऑपरेशन का क्रेडिट लेते हुए इसकी प्रेस विज्ञप्ति जारी कर दी। सरकार को भी इसकी रिपोर्ट बनाकर भेज दी।
नारायणा पैनल में नहीं, लेकिन वहां ऑपरेशन का पैसा नहीं लगता
RBSK टीम के सदस्य डॉ. कैलाश गर्ग का कहना है कि नारायणा हॉस्पिटल RBSK के पैनल में नहीं है। वहां कुछ पैसा (ओपीडी में होने वाले ट्रीटमेंट का खर्च) लगता है।
अगर ऑपरेशन करवाते हैं तो वह फ्री होता है। रुद्र वाले मामले में भी ओपीडी चार्जेज मांगे थे, लेकिन परिजन के पास थे नहीं तो उन्होंने इलाज वहां नहीं करवाया।
सीएमएचओ ने कहा- जांच करवाएंगे
जयपुर सीएमएचओ डॉ. रवि शेखावत ने बताया- RBSK की टीम ने रूद्र को इलाज के लिए अहमदाबाद नहीं भेजा। यह मेरी जानकारी में नहीं है।
मुझे यही बताया गया की इलाज टीम के सहयोग से करवाया गया है। अगर टीम के सहयोग से इलाज नहीं करवाया गया है तो मैं इस केस को पता करवाता हूं।
