
-कुंवारिया-साकरोदा मार्ग पर नहर में गिर सकते हैं वाहन
झोर । कुंवारिया से साकरोदा चौराहे को जोड़ने वाला मुख्य मार्ग इन दिनों वाहन चालकों के लिए किसी ‘डेथ ट्रैप’ से कम नहीं रह गया है। मेला परिसर के ठीक सामने राजसमंद झील की सिंचाई नहर पर बनी पुलिया की सुरक्षा दीवार लंबे समय से ध्वस्त पड़ी है। सड़क पर तीव्र मोड़ होने के कारण यहां हर वक्त वाहनों के अनियंत्रित होकर सीधे नहर में गिरने का खतरा बना रहता है, लेकिन प्रशासन किसी बड़े हादसे के इंतजार में हाथ पर हाथ धरे बैठा है।
हैरानी की बात यह है कि यह मार्ग केवल स्थानीय लोगों तक सीमित नहीं है। आमेट-मादड़ी चौराहा मार्ग से गुजरने वाले सैकड़ों छोटे-बड़े वाहन और कई भारी ट्रक टोल बचाने के चक्कर में इसी रास्ते का चुनाव करते हैं। अनजान ड्राइवरों के लिए रात के अंधेरे में यह तीव्र मोड़ और बिना सुरक्षा दीवार वाली पुलिया जानलेवा साबित हो सकती है। ग्रामीणों का कहना है कि पुलिया वर्षों से जर्जर है, लेकिन विभाग ने अब तक इसकी मरम्मत की सुध नहीं ली है।
घाटी ग्राम पंचायत प्रशासक कमला देवी सालवी ने भी मामले की गंभीरता को स्वीकार किया है। उन्होंने बताया कि क्षतिग्रस्त दीवार के संबंध में जल्द ही सिंचाई विभाग और सार्वजनिक निर्माण विभाग (PWD) को पत्र लिखकर नई सुरक्षा दीवार बनवाने की मांग की जाएगी। वहीं, ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही यहां कंक्रीट की दीवार नहीं बनाई गई, तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाएंगे। फिलहाल, इस खतरनाक मोड़ पर सफर करना किसी जोखिम भरे स्टंट से कम नहीं है।
