
चित्तौड़गढ़/बेगूं। राजस्थान के चित्तौड़गढ़ जिले से एक ऐसी दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है, जिसने मानवीय संवेदनाओं और कुदरत के कहर को एक साथ लाकर खड़ा कर दिया है। बेगूं क्षेत्र के पारसोली में मौत के मातम के बीच एक ऐसी दहशत फैली कि लोग अपनों का शव छोड़कर भागने पर मजबूर हो गए। जिस बुजुर्ग की मौत मधुमक्खियों के हमले से हुई थी, नियति का क्रूर मजाक देखिए कि उनके अंतिम संस्कार में जुटी भीड़ पर भी मधुमक्खियों ने खूनी हमला बोल दिया।
इस हमले में देखते ही देखते श्मशान घाट रणक्षेत्र में बदल गया। करीब 50 लोग मधुमक्खियों के डंक से लहूलुहान होकर जमीन पर गिर पड़े, जबकि बाकी लोग जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। हमले की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि उपचार के दौरान एक और बुजुर्ग भवानी शंकर (75) ने दम तोड़ दिया। वहीं, 4 अन्य घायलों की हालत नाजुक बनी हुई है जिन्हें तुरंत चित्तौड़गढ़ रेफर किया गया।
घटना की जानकारी मिलते ही प्रशासन में हड़कंप मच गया। उपखंड अधिकारी अंकित सामरिया और तहसीलदार गोपाल जीनगर ने स्थिति की संवेदनशीलता को देखते हुए तुरंत मोर्चा संभाला। जब सामान्य तरीके से अंतिम संस्कार करना नामुमकिन हो गया, तब प्रशासन ने अनोखा रास्ता निकाला। मेडिकल टीम की मदद से कुछ जांबाज लोगों को PPE किट पहनाई गई और इसी सुरक्षा कवच के बीच श्मशान भेजकर बुजुर्ग का अंतिम संस्कार संपन्न कराया गया। आज पारसोली की गलियों में सन्नाटा है और हर तरफ इसी खौफनाक मंजर की चर्चा हो रही है।
