
25 हफ्तों से जारी है जुनून, अब आमजन भी बनेंगे इस महाअभियान का हिस्सा
उदयपुर। झीलों की नगरी उदयपुर की आस्था के प्रमुख केंद्र नीमच माता मंदिर जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए अब भक्ति के साथ-साथ स्वच्छता का मार्ग भी प्रशस्त हो रहा है। शहर की ऊंची पहाड़ी पर स्थित इस मंदिर तक जाने वाली करीब 800 मीटर की चढ़ाई वाले रास्ते पर फैली गंदगी और प्लास्टिक कचरे को साफ करने का बीड़ा शहर के ही कुछ जागरूक युवाओं और प्रबुद्ध जनों ने उठाया है। देवाली क्षेत्र से शुरू होने वाले इस दुर्गम मार्ग पर बिखरे कचरे से होने वाली असुविधा को देखते हुए डॉ. मनु बंसल, गजेंद्र सिंह हिरण, अभिनव वर्डिया, प्रतीक नाहर, नीरज श्रीमाल, फखरूदीन बोहरा और राहुल भटनागर की टीम पिछले पांच महीनों से हर रविवार को बिना नागा किए श्रमदान कर रही है। यह निरंतरता अब अपने एक महत्वपूर्ण पड़ाव पर पहुंच गई है, जहां आगामी 15 मार्च को इस अनूठे स्वच्छता अभियान का गौरवशाली 25वां सप्ताह पूरा होने जा रहा है।

इस अभियान की शुरुआत करीब पांच महीने पहले एक संकल्प के साथ हुई थी, जिसमें टीम के सदस्यों ने तय किया था कि वे इस पवित्र मार्ग को पूरी तरह कचरा मुक्त बनाएंगे। हालांकि, अभियान के दौरान टीम को कई चुनौतियों का सामना भी करना पड़ा, क्योंकि अक्सर देखा गया कि लोग कचरा डस्टबिन में डालने के बजाय एक जगह से उठाकर दूसरी जगह फेंक देते हैं जिससे समस्या जस की तस बनी रहती है। इसके बावजूद, टीम का हौसला कम नहीं हुआ और हर रविवार को चार से पांच सदस्य नियमित रूप से रास्ते की सफाई में जुट जाते हैं। टीम के सदस्य प्रतीक नाहर और अभिनव वर्डिया का मानना है कि ईश्वर की सच्ची आराधना केवल मंदिर में मत्था टेकना नहीं, बल्कि मंदिर के आसपास के वातावरण को भी शुद्ध और स्वच्छ रखना है।
अब 15 मार्च को आयोजित होने वाले 25वें सप्ताह के विशेष अभियान को लेकर शहरवासियों में भारी उत्साह देखा जा रहा है। गजेंद्र हिरण और उनकी टीम ने उदयपुर की जनता से अपील की है कि वे इस रविवार को बड़ी संख्या में इस पवित्र स्थल के मार्ग पर पहुंचें और श्रमदान कर इस अभियान को एक जन-आंदोलन का रूप दें। इस पहल का मुख्य उद्देश्य न केवल सफाई करना है, बल्कि आने वाले श्रद्धालुओं के बीच यह संदेश फैलाना भी है कि आस्था के इन केंद्रों पर प्लास्टिक और अन्य कचरा फैलाकर प्रकृति और धर्म दोनों का अपमान न करें। टीम के इस निस्वार्थ भाव और निरंतरता की पूरे शहर में सराहना हो रही है, और उम्मीद जताई जा रही है कि इस रविवार को होने वाला सामूहिक प्रयास नीमच माता मंदिर मार्ग की सूरत बदल देगा।
