आरपीएससी शारीरिक शिक्षक भर्ती मामला: डमी कैंडिडेट बनकर दी थी परीक्षा, 8 माह से चल रहा था फरार

अजमेर | विशेष संवाददाता राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) की परीक्षाओं में सेंधमारी करने वाले गिरोह के खिलाफ पुलिस ने एक और बड़ी सफलता अर्जित की है। वरिष्ठ शारीरिक शिक्षा अध्यापक प्रतियोगी परीक्षा-2022 में फर्जीवाड़ा करने वाले 5 हजार रुपये के इनामी आरोपी लेक्चरर हुकमाराम को पुलिस ने दबोच लिया है। आरोपी पिछले 8 महीनों से पुलिस की आंखों में धूल झोंक रहा था।
10 लाख में हुआ था सौदा पुलिस जांच में सनसनीखेज खुलासा हुआ है कि आरोपी हुकमाराम ने डमी कैंडिडेट बनकर परीक्षा देने के लिए 10 लाख रुपये का सौदा किया था। जालौर के राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में लेक्चरर के पद पर कार्यरत होने के बावजूद आरोपी ने चंद रुपयों के लालच में न केवल अपना पद दांव पर लगाया, बल्कि युवाओं के भविष्य के साथ भी खिलवाड़ किया।
दस्तावेज सत्यापन में खुला राज गौरतलब है कि आरपीएससी द्वारा 30 अप्रैल 2023 को वरिष्ठ शारीरिक शिक्षा अध्यापक परीक्षा आयोजित की गई थी। इस जालसाजी का खुलासा तब हुआ जब आयोग के कार्यालय में दस्तावेज सत्यापन (Document Verification) की प्रक्रिया चल रही थी। जांच के दौरान मूल अभ्यर्थी के प्रवेश पत्र पर लगी फोटो और डमी कैंडिडेट की फोटो में अंतर पाया गया, जिससे आयोग के अधिकारियों के कान खड़े हो गए।
यूं रचा गया षडयंत्र एडिशनल एसपी गणेश राम ने बताया कि गिरोह ने कूटरचित तरीके से प्रवेश पत्रों पर फोटो स्कैन कर डमी अभ्यर्थियों को परीक्षा केंद्र भेजा था। मामले की गंभीरता को देखते हुए 5 अप्रैल 2024 को सिविल लाइन थाने में मुकदमा दर्ज किया गया था। मुख्य अभ्यर्थी की गिरफ्तारी पहले ही हो चुकी थी, लेकिन हुकमाराम लगातार ठिकाने बदल रहा था।
जांच जारी, हो सकते हैं और खुलासे पुलिस आरोपी से गहन पूछताछ कर रही है। विभाग को आशंका है कि इस गिरोह के तार अन्य भर्ती परीक्षाओं से भी जुड़े हो सकते हैं। पुलिस अब यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि आरोपी ने और कितनी परीक्षाओं में फर्जीवाड़ा किया है और इस रैकेट में कौन-कौन से बड़े नाम शामिल हैं।
