राजसमंद। अनंता हॉस्पिटल में जन्मजात दिल में छेद जैसी बीमारी से पीडित मरीजों के लिये सी.एच.डी. इंटरवेंषन वर्कषाॅप का आयोजन किया गया। इस दौरान कुल 6 मरीजों का डिवाइस क्लोजर किया गया, जिनमें 3 पी.डी.ए. (दिल में दो बड़ी नलियों के बिच में छेद) और 3 ए.एस.डी. (दिल के दो ऊपरी चेम्बर के बीच में छेद) के मरीज शामिल थे।
एग्जक्यूटिव डायरेक्टर डाॅ. नितिन षर्मा ने बताया कि अनंता हॉस्पिटल में इंटरवेंशनल एवं स्ट्रक्चरल हार्ट सेवाओं के लगातार विस्तार से नाथद्वारा, राजसमंद, उदयपुर एवं आसपास के क्षेत्रों के मरीजों को ऐसी आधुनिक हृदय उपचार सुविधाएं स्थानीय स्तर पर उपलब्ध हो रही हैं, जिससे उन्हें उपचार के लिए दूर के बड़े शहरों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। साथ ही अस्पताल राज्य एवं केन्द्र सरकार की महत्वपूर्ण योजनाओं से जुडा हुआ भी है, इन सभी 6 मरीजों का इलाज मुख्यमंत्री आयुश्मान आरोग्य योजनान्तर्गत निःषुल्क किया गया।
अनंता हॉस्पिटल के कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. योगेन्द्र सिंह राणावत ने बताया कि ए.एस.डी. और पी.डी.ए. जन्मजात हृदय संबंधी समस्याएं हैं। वर्तमान में चयनित मरीजों में इनका उपचार बिना ओपन हार्ट सर्जरी के कैथेटर आधारित तकनीक से डिवाइस लगाकर किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि इस प्रक्रिया में पैर की रक्त वाहिका के माध्यम से कैथेटर को हृदय तक पहुंचाकर उपयुक्त आकार की डिवाइस लगाई जाती है। ओपन सर्जरी की तुलना में इसमें बड़ा चीरा नहीं लगता, मरीज को कम समय अस्पताल में रहना पड़ता है और सामान्यतः रिकवरी भी जल्दी होती है। वर्कशॉप को सफल बनाने के लिए पूरी कार्डियक टीम, कैथ लैब, नर्सिंग स्टाॅफ एवं एनेस्थीसिया विभाग का सहयोग रहा।
अनंता हॉस्पिटल में जन्मजात दिल के छेद वाले 6 मरीजों का बिना ऑपरेशन सफल इलाज
