
उदयपुर। जिले के पानरवा थाना इलाके से रिश्तों के कत्ल की एक सनसनीखेज वारदात सामने आई है। यहाँ एक पति ने महज इसलिए अपनी पत्नी की बेरहमी से हत्या कर दी क्योंकि वह ससुराल छोड़कर बार-बार अपने पीहर (मायके) जाकर रह रही थी। शनिवार को केवड़ी के घने जंगलों में 35 वर्षीय कालीबाई का शव मिलने से इलाके में हड़कंप मच गया था। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए त्वरित कार्रवाई की और आरोपी पति नकालाल डामोर को जंगलों में घेराबंदी कर दबोच लिया।
बकरियां घर लौटीं, पर मां नहीं: ऐसे खुला राज घटनाक्रम के अनुसार, कालीबाई शुक्रवार सुबह रोजाना की तरह जंगल में बकरियां चराने गई थी। दोपहर को बकरियां तो चरकर सुरक्षित घर लौट आईं, लेकिन कालीबाई का कोई पता नहीं चला। जब शाम तक भी वह नहीं लौटी, तो परिजनों को अनहोनी की आशंका हुई। मृतका के पिता सुखलाल खराड़ी ने बताया कि ग्रामीणों ने दोपहर में कालीबाई को उसके पति नकालाल के साथ जंगल में देखा था। जब पिता ने दामाद से बेटी के बारे में पूछा, तो वह उन्हें गुमराह करता रहा और बाद में मौका पाकर फरार हो गया। शनिवार सुबह जंगल में कालीबाई की लाश मिलने पर शक की सुई सीधे पति पर जा टिकी।
पीहर पक्ष के ‘इन्कार’ ने भरा नफरत का जहर थानाधिकारी भागीरथ बुंदेला के मुताबिक, मृतका की गर्दन पर गला घोंटने के गहरे निशान मिले थे, जिससे यह साफ था कि उसकी हत्या की गई है। पुलिस की कड़ी पूछताछ में आरोपी पति नकालाल टूट गया और अपना जुर्म कुबूल कर लिया। उसने बताया कि कालीबाई पिछले कुछ समय से घरेलू कलह के चलते पीहर में ही रह रही थी। वह कई बार उसे लेने गया, लेकिन पीहर पक्ष उसे ससुराल भेजने को तैयार नहीं था। इसी रंजिश और गुस्से में आकर उसने जंगल में एकांत पाकर पत्नी का गला दबा दिया और उसे मौत के घाट उतार दिया।
दो मासूमों के सिर से उठा मां का साया इस खौफनाक वारदात ने न केवल एक महिला की जान ली, बल्कि दो मासूम बच्चों के सिर से मां का साया भी छीन लिया और पिता अब जेल की सलाखों के पीछे है। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर अदालत में पेश करने की तैयारी कर ली है। फोरेंसिक टीम ने भी मौके से महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटाए हैं। इस घटना ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि घरेलू विवादों में बातचीत की कमी और अनियंत्रित गुस्सा किस तरह हंसते-खेलते परिवारों को उजाड़ देता है।
