एचआईवी, एड्स दिवस पर परियोजना श्रमिको को किया जागरूक

भरत पंड्या
डुंगरपुर।
राजस्थान नगरीय आधारभूत विकास परियोजना (आरयूआईडीपी) चतुर्थ चरण के अन्तर्गत डूंगरपुर शहर मे आमजन की सुविधा हेतु आधारभूत विकास के कार्य करवाये जा रहे हैं। आरयूआईडीपी की सामुदायिक जागरूकता व जन सहभागिता इकाई द्वारा जागरूकता कार्यक्रम के तहत आरयूआईडीपी परियोजना मे कार्यरत श्रमिकों के साथ जागरूकता कार्यक्रम के तहत परिवार नियोजन, कल्याण, यौन रोग यौन जनित रोगों के कारण एवं बचाव के तरीके, एचआईवी, एड्स, के संक्रमण के कारण पर जानकारी दी गयी।

आरयूआईडीपी कैप इकाई के सामाजिक विकास विशेषज्ञ सुजीत शरण ने बताया बताया कि यदि कोई व्यक्ति एचआईवी, एड्स से संक्रमित हैं और यदि उससे हमारा रक्त सम्बन्ध हो जाता है तो हम भी संक्रमित हो सकते हैं उन्होने एचआईवी, एड्स संक्रमित होने के विभिन्न कारणो पर प्रकाश डाला हैं तथा कहा कि यौन तथा यौन जनित रोग को छुपाने से परेशानी हमेशा बढ़ती ही है, जिस प्रकार से शरीर के अन्य अंग बीमार होने पर उनका ईलाज करवाया जाता है वैसे ही यौन रोगों का भी उपचार बहुत जरूरी है।

यौन रोगों का समय पर उपचार नहीं करवाने से इनके घातक परिणाम सामने आते है। हमे परिवार के साथ न्याय करते हुये जीवन साथी के साथ ही यौन संबंध बनाने चाहिये, तथा साफ-सफाई का पूरा ध्यान रखना चाहिये साथ ही साथ परिवार नियोजन एवं परिवार कल्याण की महत्वपूर्णता बताते हुये कहा कि बच्चों के बीच कम से कम 3 साल का अंतर होना चाहिये ताकि जच्चा और बच्चा दोनो का स्वास्थ्य हमेशा ठीक रहे, तथा समय के अनुसार गर्भ निरोधक का उपयोग करने से कोई समस्या नहीं होती है।
दैनिक जीवन में श्रमिकों द्वारा रखी जाने वाली सावधनियों पर बोलते हुये सहायक सामाजिक विकास विशेषज्ञ माया पाटीदार ने कहा कि खाना खाने से पहले, शौच जाने के बाद, मच्छरों से बचाव तथा मौसमी बीमारियों से बचाव के तरीके, इनको दिन-प्रतिदिन की आदतों में शुमार करने से बीमारीयों में कमी और उन पर होने वाले खर्चे में कटौती की जा सकती है। कार्यक्रम मे संवेदक सोशल आउटरीच टीम के अनम आरा, युवराज व अर्पीता सहित 22 श्रमिको ने कार्यक्रम में भाग लिया।

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