रिश्वत के 2 करोड़ केस में नया खुलासा: ‘1 करोड़ ऊपर जाएगा’ वाली रिकॉर्डिंग का दावा, ASP ने तीन बार बदला मिलने का समय

उदयपुर। 272 प्लॉट प्रकरण में कथित 2 करोड़ रुपये की रिश्वत के मामले में गिरफ्तार एसओजी के एडिशनल एसपी मुकेश कुमार सोनी और कथित बिचौलिए सज्जन सिंह जैन को लेकर जांच में नए तथ्य सामने आने का दावा किया जा रहा है। एसीबी ने 26 सितंबर को सज्जन सिंह जैन को कथित तौर पर 2 करोड़ रुपये की रिश्वत लेते पकड़ा था, जबकि मुकेश सोनी की भूमिका की जांच के बाद उन्हें भी गिरफ्तार किया गया। दोनों की पुलिस रिमांड 3 अक्टूबर तक बढ़ाई गई है।

‘2 करोड़ में से 1 करोड़ ऊपर जाएगा’ वाली रिकॉर्डिंग

मीडिया रिपोर्ट्स में एसीबी सूत्रों के हवाले से एक रिकॉर्डिंग का जिक्र किया गया है। दावा है कि इसमें कथित बिचौलिए सज्जन सिंह जैन और परिवादी निरंजन मोगरा के बीच बातचीत है।

रिपोर्ट के अनुसार, बातचीत में कथित तौर पर 2 करोड़ रुपये की रिश्वत में से 1 करोड़ रुपये ‘ऊपर’ जाने की बात कही गई थी। इस दावे के बाद जांच एजेंसी के सामने यह पता लगाने की चुनौती है कि कथित तौर पर ‘ऊपर’ से किसकी ओर इशारा किया गया था और क्या वास्तव में रिश्वत की कोई आगे की हिस्सेदारी तय थी।

हालांकि, इस कथित रिकॉर्डिंग में जिन लोगों या अधिकारियों की ओर संकेत होने का दावा किया जा रहा है, उनकी भूमिका जांच पूरी होने तक स्थापित तथ्य नहीं मानी जा सकती।

एक दिन में तीन बार बदला मिलने का समय

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, 23 सितंबर को मुकेश सोनी और परिवादी के बीच मुलाकात की बात तय हुई थी। आरोप है कि मिलने का समय एक ही दिन में तीन बार बदला गया।

पहले सुबह 10 बजे का समय बताया गया। इसके बाद दोपहर 1 बजे मिलने की बात हुई। फिर शाम 5 बजे का समय दिया गया। बताया जा रहा है कि अंत में शाम करीब 6:30 बजे मुकेश सोनी फतहसागर झील किनारे रानी रोड क्षेत्र में पहुंचे।

रिपोर्ट के अनुसार, परिवादी निरंजन मोगरा और सज्जन सिंह जैन महाकालेश्वर मंदिर के पास इंतजार कर रहे थे। बाद में तीनों के बीच कार में कुछ देर बातचीत हुई। आरोप है कि इस दौरान मुकेश सोनी ने मोबाइल स्क्रीन पर 2 करोड़ रुपये की रकम लिखकर दिखाई और सज्जन सिंह से बातचीत करने को कहा।

एसीबी ने बाद में इसी मामले में ट्रैप कार्रवाई की थी।

ASP के मोबाइल से खुल सकते हैं कई राज

जांच एजेंसी मुकेश सोनी के मोबाइल फोन की तकनीकी जांच कराने का प्रयास कर रही है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, सोनी ने फोन का पासवर्ड उपलब्ध नहीं कराया है। एसीबी को उम्मीद है कि मोबाइल से कथित रिश्वत की बातचीत और लेन-देन से संबंधित डिजिटल साक्ष्य मिल सकते हैं।

फरार रीडर की भूमिका भी जांच के घेरे में

मामले में एसओजी के रीडर बताए जा रहे कॉन्स्टेबल जसवंत राव की भूमिका भी जांच के दायरे में है। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, एसीबी उसके पकड़े जाने के बाद मुकेश सोनी और उसे आमने-सामने बैठाकर पूछताछ करने की तैयारी में है।

272 प्लॉट प्रकरण से जुड़ा है मामला

पूरा मामला उदयपुर नगर निगम के 272 भूखंड प्रकरण से जुड़ा बताया जा रहा है। एसीबी के अनुसार, कथित तौर पर आरोपियों को राहत दिलाने, अन्य मामलों में आरोपी नहीं बनाने और जांच के दौरान बरामद दस्तावेज वापस करने के बदले 2 करोड़ रुपये की रिश्वत मांगे जाने की शिकायत मिली थी।

एसीबी ने शिकायत का सत्यापन कराने के बाद ट्रैप कार्रवाई की। उसके बाद कथित बिचौलिए सज्जन सिंह जैन को 2 करोड़ रुपये लेते पकड़ा गया। एसीबी के अनुसार रकम में 4 लाख रुपये असली और बाकी डमी नोट थे।

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