
पाली जिले के खिंवाड़ा के पास गुड़ा गोपीनाथ गांव में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहाँ 75 साल के एक बुजुर्ग मोतीसिंह रावत पर दो भालुओं ने जानलेवा हमला कर दिया। अपनी जान बचाने के लिए, बुजुर्ग ने हिम्मत नहीं हारी और अपनी लाठी से दोनों भालुओं का बहादुरी से मुकाबला किया।
यह घटना बुधवार देर शाम को घटी, जब मोतीसिंह अपने घर के पास शौचालय के लिए गए थे। झाड़ियों में छिपे दो भालुओं ने अचानक उन पर हमला कर दिया। हमले में वे जमीन पर गिर पड़े और भालुओं ने उनके चेहरे, नाक, हाथों और पैरों पर बुरी तरह से काटा, जिससे वे लहूलुहान हो गए।
हालांकि, इस गंभीर स्थिति में भी मोतीसिंह ने हिम्मत नहीं छोड़ी। उन्होंने अपनी लाठी से दोनों भालुओं का बहादुरी से सामना किया। उनके लगातार वार से घबराकर भालू आखिरकार भाग गए।
हमले के बाद मोतीसिंह को गंभीर चोटें आईं। उनके बेटे प्रेमसिंह ने बताया कि उनके पिता के चेहरे और शरीर के कई हिस्सों से खून बह रहा था। तुरंत उन्हें पाली के बांगड़ अस्पताल ले जाया गया, जहाँ उनका इलाज चल रहा है।
