
जोधपुर में क्रिप्टो में निवेश के नाम पर 26 लोगों से 1.80 करोड़ रुपए की ठगी कर ली गई। एक पीड़ित ने वीडियो रील देखकर आरोपियों से संपर्क किया था। इसके बाद आरोपियों ने उसे और उसके परिचितों को क्रिप्टो में निवेश कर मोटे मुनाफे का झांसा देकर रुपए ठग लिए। पीड़ितों ने करीब सवा साल में ये राशि आरोपियों को नकद और ऑनलाइन ट्रांसफर की।
जोधपुर के कुड़ी भगतासनी थाने में न्यायालय परिवाद के जरिए मामला दर्ज कराया गया। रिपोर्ट के अनुसार कनार्टक के जिला बीजापुर के सालोटगी निवासी सिद्वपा भीमराय पडशेटी ने बताया- वर्ष 2022 में मैंने यूट्यूब पर केपमोर अपेक्स का वीडियो रील का विज्ञापन देखा। इस विज्ञापन में अजय आर्य नामक व्यक्ति केपमोर अपेक्स कंपनी में रुपए लगाकर मोटा मुनाफा कमाने का प्रचार कर रहा था। उसकी कंपनी द्वारा कई लोगों को ट्रेडिंग करने की ट्रेनिंग दिए जाने के बारे में बताया गया था।
पीड़ित सिद्वपा भीमराय ने बताया- विज्ञापन देखकर मैंने विज्ञापन में बताए गए मोबाइल नंबर पर संपर्क किया तो अजय आर्य से बातचीत हुई। उसने मुझे विश्वास में लेते हुए बताया कि मैं गंगानगर का रहने वाला हूं। हमारी कंपनी के कई शहरों में कार्यालय हैं। आप हमारी कंपनी में निवेश करने के इच्छुक हो तो जिस शहर में बुलाएंगे, वहां आकर मिटिंग कर सकते हैं।
क्रिप्टो में निवेश का झांसा पीड़ित ने रिपोर्ट में बताया- वह झूठे प्रलोभन पर विश्वास करते हुए अजय से जोधपुर में मीटिंग के लिए मई 2022 में कुड़ी भगतासनी हाउसिंग बोर्ड में गोपाल राठौड़ और अन्य साथियों के साथ पहुंचा। वहां अजय आर्य ने उन्हें कंपनी के अन्य हिस्सेदारों से मिलाया। उनके नाम सौरभ चावला, बलजीत सिंह, करमजीत सिंह, राजेंद्र, लजपत आर्य, दीपक आर्य थे।
इन सभी हिस्सेदारों ने अजय आर्य के साथ मिलकर भरोसा दिलाया कि कंपनी में इन्वेस्टमेंट करने पर अच्छा मुनाफा होता है। इसकी गारंटी हमारी है। हमारी कम्पनी किप्टो करेंसी, फोरेक्स मार्केट आदि में राशि लगाते हैं। झांसे में आकर सिद्वपा ने जोधपुर में 10 लाख अजय आर्य को निवेश के लिए दे दिए। आरोपियों ने पीड़ित और उनके अन्य साथियों को परिचितों से भी निवेश के लिए कहा।
कर्नाटक जाकर भी की मीटिंग रिपोर्ट के अनुसार- अजय आर्य ने साथियों के साथ कर्नाटक जाकर वहां मीटिंग की। जब-जब अजय आर्य व उसके अन्य हिस्सेदार मीटिंग के लिए आते तो पीड़ितों से लाखों रुपए सिद्वपा के माध्यम से जमा होते। अजय आर्य व उनके हिस्सेदारों ने नकद और ऑनलाइन लाखों रुपए लिए।
अजय आर्य व उनके हिस्सेदारों ने पीड़ितों को कई बार कुड़ी भगतासनी जोधपुर भी बुलाया। इस पर वे जोधपुर आते और लाखों रुपए नकद दिए। अजय आर्य व कंपनी के अन्य हिस्सेदार सौरभ चावला, उनकी पत्नी सलोनी चावला, कर्मजीत सिंह, बलवीत सिंह, राजेंद्र सिंह, लजपत आर्य, दीपक आर्य कर्नाटक आते-जाते रहते थे। उन्होंने कनार्टका में ‘दी टिचेबल टेक’ ऑफिस खोला। वहां पीड़ितों को ट्रेनिंग के लिए बुलाया। अजय आर्य, उसके पिता लजपत आर्य, उसके भाई दीपक आर्य कई जगह ट्रेनिंग देने के नाम पर पीड़ितों को बताते।
ये लोग हुए ठगी के शिकार पीड़ितों ने मई 2022 से जुलाई 2023 तक अलग-अलग समय पर इस कम्पनी में निवेश के नाम पर करीब 1,80,00,000 रुपए ऑनलाइन व नकद माध्यम से अजय आर्य को दिए।
