सुनसान बाड़े में पकड़ी गई हाईटेक लैब, उगल रही थी करोड़ों का नशा

चित्तौड़गढ़। राजस्थान के चित्तौड़गढ़ में नशे के सौदागरों ने एक ऐसी साजिश रच रखी थी जिसे देखकर नारकोटिक्स की टीम की भी आंखें फटी रह गईं। जिले के सुरजना गांव के एक सुनसान इलाके में, इंसानी आबादी से दूर एक बाड़े के भीतर नशे की ‘मौत’ तैयार की जा रही थी। सेंट्रल ब्यूरो ऑफ नारकोटिक्स (CBN) की टीम ने फिल्म ‘ब्रेकिंग बैड’ की तर्ज पर चल रही इस हाईटेक ड्रग फैक्ट्री पर सर्जिकल स्ट्राइक करते हुए इसे नेस्तनाबूद कर दिया है। टीम ने मौके से भारी मात्रा में ड्रग्स, खतरनाक केमिकल और लैब के आधुनिक उपकरण बरामद किए हैं, जो इस बात की तस्दीक कर रहे हैं कि यहां बड़े पैमाने पर जहर की खेती हो रही थी।
चित्तौड़गढ़ की सीबीएन इकाई को जैसे ही मुखबिर से इस गुपचुप लैब की भनक लगी, विभाग ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी। डिवीजन-1, 2, 3 और प्रिवेंटिव विंग ने मिलकर जब सुरजना गांव के बाहर बने उस मकान और बाड़े की घेराबंदी की, तो अंदर का नजारा चौंकाने वाला था। वहां मेफेड्रोन (MD) और अल्प्राजोलम जैसे साइकोट्रॉपिक ड्रग्स को बनाने के लिए किसी बड़ी फार्मा कंपनी जैसी लैब सेट की गई थी। अधिकारियों ने मौके से 5.894 किलो तैयार मादक पदार्थ जब्त किया है, जिसमें एमडी पाउडर और क्रूड शामिल है। सबसे डरावनी बात यह है कि वहां 200 किलो से ज्यादा कच्चा केमिकल बरामद हुआ है, जिससे और भी बड़ी खेप तैयार की जानी थी।
छापेमारी के दौरान टीम ने एक आरोपी को रंगे हाथों दबोच लिया, जबकि इस अवैध धंधे का असली मास्टरमाइंड और लैब का संचालक फिलहाल फरार बताया जा रहा है। जांच में सामने आया है कि आरोपी और उसके साथी ने मिलकर इस गोपनीय ठिकाने को चुना था ताकि किसी को शक न हो और वे यहीं ड्रग्स सिंथेसाइज कर सकें। पुलिस ने मौके से तस्करी में इस्तेमाल होने वाली बाइक भी जब्त की है। फिलहाल आरोपी को NDPS एक्ट की संगीन धाराओं में गिरफ्तार कर लिया गया है और उससे उगलवाया जा रहा है कि इस नशे के साम्राज्य का नेटवर्क कहां-कहां फैला है। सीबीएन अब इस ‘ड्रग लैब’ के कच्चे माल के सप्लायर और इसके तैयार माल के खरीदारों की कुंडली खंगाल रही है ताकि पूरे सिंडिकेट को जड़ से उखाड़ा जा सके।
