
उदयपुर। उदयपुर के एमजी कॉलेज में 3 दिन पहले एबीवीपी कार्यकर्ताओं के हंगामे और प्रिसिंपल द्वारा की गई कमेंटबाजी के मामले में उच्च शिक्षा विभाग ने एक्शन लिया है। कॉलेज शिक्षा आयुक्तालय के आयुक्त ओपी बैरवा ने आदेश कर प्रिसिंपल दीपक माहेश्वरी को एपीओ कर मुख्यालय में उपस्थिति देने को कहा है। हंगामे के दौरान प्रिंसिपल माहेश्वरी और छात्राओं के बीच आमने-सामने खूब बहस हुई थी।
रअसल, परीक्षा परिणाम में अनियमितता और स्कूटी वितरण में लापरवाही का आरोप लगाते हुए बुधवार को एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने प्रिंसिपल को उनके चैंबर में ही बंद कर दिया था। छात्राओं ने कहा कि जब अपनी मांगों को लेकर प्रिंसिपल दीपक माहेश्वरी के पास गई तो उन्होंने गलत भाषा का प्रयोग किया। वहीं, इस मामले पर प्रिसिंपल माहेश्वरी का कहना है कि सोची समझी के तहत प्रदर्शन करवाया था। बताए जा रहे आरोपों जैसा तो उन छात्राओं से ऐसा कुछ भी नहीं बोला। विभाग के आदेश है, उनकी पालना करेंगे। छात्राओं का आरोप था कि प्रिंसिपल ने कहा- ‘तुम सब बीमारी हो, कटपुतली हो।’ मामला बढ़ने पर हाथीपोल थाना पुलिस ने समझाइश कर कॉलेज का मेन गेट और प्रिंसिपल का चैंबर खुलवाया था। एबीवीपी कार्यकर्ता सुमन कुंवर ने बताया कि जब हम प्रिंसिपल से अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्वक बात करने गए थे। तब सर बोलते हैं कि ‘चलो बीमारी हटो। तुम तो सब कटपुतली हो’। सर ऐसी खराब भाषा बोलते हैं। सुमन ने बताया कि बीए फर्स्ट, बीए फोर्थ और बीएससी सेकंड सेमेस्टर में धांधली की गई है। मेधावी छात्राओं के लिए आईं नई स्कूटियां 3 साल बाद भी क्यों नहीं दी गईं। बीएससी में जियोलॉजी, वॉटिनी और केमेस्ट्री में ज्यादातर छात्राओं को फेल कर दिया। फिर रिविल के नाम पर पैसे मांगे जाते हैं। प्रिंसिपल माहेश्वरी का छात्राओं के प्रति बात करने का तरीका बेहद खराब रहा है।
