
अजमेर। बांदरसिंदरी थाना क्षेत्र में डेढ़ महीने पहले हुई राजपाल मीणा की नृशंस हत्या के मामले में अब तक सभी आरोपियों की गिरफ्तारी न होने से पीड़ित परिवार में भारी आक्रोश है। मंगलवार को मृतक के परिजन न्याय की गुहार लेकर जिला पुलिस अधीक्षक (SP) वंदिता राणा की चौखट पर पहुंचे। परिवार का आरोप है कि पुलिस की ढिलाई के चलते मुख्य आरोपी अब भी खुलेआम घूम रहे हैं और उन पर केस वापस लेने (राजीनामा) के लिए लगातार दबाव बना रहे हैं।
खून के रिश्ते ही बने ‘खून’ के प्यासे यह खौफनाक वारदात 15 नवंबर की है, जब एक मामूली पारिवारिक विवाद ने खूनी रूप ले लिया था। मृतक के भाई प्रधान मीणा ने बताया कि उस काली रात राजपाल मीणा जैसे ही घर से बाहर निकला, आरोपी परिवार के सदस्यों ने पहले से घात लगाकर उस पर कुल्हाड़ी से हमला कर दिया। हमलावरों ने बेरहमी से राजपाल की गर्दन काट दी। जब परिवार के अन्य सदस्य उसे बचाने दौड़े, तो उन पर भी पथराव किया गया। राजपाल ने अस्पताल ले जाते समय दम तोड़ दिया था।
दो की गिरफ्तारी, बाकी कहां? मृतक के भाई का आरोप है कि घटना के वक्त पुलिस ने कई लोगों को हिरासत में लिया था, लेकिन अब तक केवल दो आरोपियों की ही औपचारिक गिरफ्तारी हुई है। अन्य नामजद आरोपी पुलिस की पकड़ से बाहर हैं। पीड़ित परिवार ने एसपी को सौंपे ज्ञापन में आशंका जताई है कि आरोपियों को राजनीतिक या स्थानीय रसूख के चलते बचाया जा रहा है।
धमकी और दबाव का दौर शुरू शिकायत में यह भी बताया गया है कि फरार आरोपी और उनके समर्थक अब पीड़ित परिवार को डरा-धमका रहे हैं। उन पर दबाव बनाया जा रहा है कि वे पुलिस से अपनी शिकायत वापस ले लें और समझौता कर लें। परिवार ने एसपी वंदिता राणा से सुरक्षा की मांग करते हुए सभी फरार कातिलों को तुरंत सलाखों के पीछे भेजने की अपील की है। पुलिस कप्तान ने मामले की गंभीरता को देखते हुए थाना पुलिस को त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
