विशेषज्ञों ने कहा- सफलता के लिए तनाव मुक्त मन और सही दिशा जरूरी

नयागांव। राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य और उनके सर्वांगीण विकास को लेकर ‘युवा साथी केंद्र’ की ओर से एक दिवसीय जागरूकता सेमिनार का आयोजन किया गया। इस विशेष सत्र में विशेषज्ञों ने छात्रों को करियर चुनने की बारीकियों से लेकर किशोरावस्था की मानसिक चुनौतियों से निपटने के प्रभावी तरीके सिखाए। विद्यालय के सभागार में आयोजित इस कार्यक्रम में युवाओं ने अपनी भविष्य की योजनाओं को लेकर विशेषज्ञों के सामने खुलकर अपनी बात रखी।
सेमिनार के मुख्य वक्ता एमआईएस मैनेजर निर्मल सैन ने केंद्र की कार्यप्रणाली और इसके उद्देश्यों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि आज के दौर में जानकारी का अभाव युवाओं की प्रगति में सबसे बड़ी बाधा है। युवा साथी केंद्र इसी कमी को दूर करने के लिए युवाओं को सरकारी योजनाओं, रोजगार के अवसरों और कौशल विकास कार्यक्रमों से सीधे जोड़ने हेतु एक मजबूत सेतु के रूप में कार्य कर रहा है। उन्होंने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि वे केंद्र के माध्यम से उपलब्ध सेवाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाएं ताकि वे समय रहते सही करियर का चुनाव कर सकें।
कार्यक्रम के दूसरे चरण में क्लिनिकल साइकोलॉजिस्ट लोकेन्द्र सैन ने विद्यार्थियों के साथ सीधा संवाद किया। उन्होंने वर्तमान समय में बढ़ते प्रतिस्पर्धात्मक दबाव और मानसिक स्वास्थ्य की अहमियत पर चर्चा की। सैन ने कहा कि परीक्षा और भविष्य की चिंता के कारण अक्सर विद्यार्थी तनाव का शिकार हो जाते हैं, जिससे उनकी एकाग्रता कम हो जाती है। उन्होंने बताया कि शारीरिक स्वास्थ्य के साथ-साथ मानसिक संतुलन बनाए रखना सफलता के लिए अनिवार्य है। उन्होंने छात्रों को सकारात्मक जीवनशैली अपनाने, ध्यान (मेडिटेशन) करने और तनावपूर्ण स्थितियों में खुद को शांत रखने के व्यावहारिक सूत्र बताए।
सेमिनार के समापन पर विद्यालय के प्रधानाचार्य और शिक्षक वर्ग ने युवा साथी केंद्र की इस सार्थक पहल की सराहना करते हुए कहा कि ग्रामीण परिवेश के विद्यार्थियों के लिए इस प्रकार के मार्गदर्शन सत्र मील का पत्थर साबित होते हैं। इन कार्यक्रमों से छात्रों में न केवल आत्मविश्वास बढ़ता है, बल्कि उन्हें सही मार्गदर्शन भी मिलता है। पूरे सत्र के दौरान विद्यार्थियों का उत्साह देखते ही बना और उन्होंने प्रश्नकाल के दौरान अपनी जिज्ञासाओं का समाधान भी प्राप्त किया।
