अंबामाता थाने के कांस्टेबल ने पार की हदें, मंदिर जाने की गुहार लगाई तो युवक को पीटा और भगवान को कोसा, नप गया वर्दीधारी

उदयपुर। झीलों की नगरी में खाकी की गुंडागर्दी का एक ऐसा शर्मनाक मामला सामने आया है, जिसने पुलिस की साख पर बट्टा लगा दिया है। न्याय की आस में थाने पहुंचे एक फरियादी को ही पुलिसवाले ने अपना शिकार बना डाला। मामला अंबामाता थाने का है, जहां एक कांस्टेबल ने न सिर्फ कानून की धज्जियां उड़ाईं, बल्कि सारी मर्यादाएं लांघते हुए आस्था पर भी चोट की। जब इस वर्दीधारी का पारा चढ़ा, तो उसने फरियादी को ही थाने में बंद कर दिया और बेरहमी से उसकी पिटाई कर डाली। हद तो तब हो गई जब उसने भगवान के खिलाफ भी जहर उगला और अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया।

यह पूरा बवाल तब शुरू हुआ जब विवेक तेली नाम का युवक अपनी गाय चोरी होने की शिकायत लेकर अंबामाता थाने पहुंचा था। कायदे से पुलिस को उसकी बात सुनकर कार्रवाई करनी चाहिए थी, लेकिन वहां तैनात कांस्टेबल सुरेश बिश्नोई को शायद विवेक का फरियाद लेकर आना रास नहीं आया। कांस्टेबल ने शिकायत दर्ज करने के बजाय विवेक के साथ बदसलूकी शुरू कर दी। जब विवेक ने खुद को कृष्ण भक्त बताते हुए मंदिर जाने की दुहाई दी, तो कांस्टेबल का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया। उसने विवेक को शांति भंग के आरोप में हवालात में डाल दिया और भगवान कृष्ण के खिलाफ ऐसी गालियां दीं जिसे सुनकर किसी का भी खून खौल जाए।

पूरे दिन युवक को जबरन थाने में बंधक बनाकर रखा गया। शाम को जब दबाव बढ़ा तो उसे छोड़ा गया, जिसके बाद इस करतूत का खुलासा हुआ। युवक के साथ हुई इस बर्बरता और धार्मिक अपमान की खबर जैसे ही समाज के लोगों और जनप्रतिनिधियों को लगी, थाने के बाहर प्रदर्शन शुरू हो गया। माहौल बिगड़ता देख एसपी योगेश गोयल ने तुरंत एक्शन लिया और आरोपी कांस्टेबल सुरेश बिश्नोई को लाइन हाजिर कर दिया। हालांकि, स्थानीय लोगों में इस बात को लेकर भी भारी नाराजगी है कि थाने के मुखिया मुकेश सोनी ने एसपी के हस्तक्षेप से पहले इस मामले में चुप्पी क्यों साधे रखी। अब मांग उठ रही है कि ऐसे बददिमाग कांस्टेबल पर विभागीय जांच के साथ-साथ सख्त कानूनी कार्रवाई भी की जाए।

Spread the love