राजस्थान में 1 अप्रैल से होंगे बड़े बदलाव,हाईवे पर सफर होगा महंगा, सरकारी अस्पतालों का भी समय बदलेगा, रेलवे में कई नियम बदलेंगे

जयपुर राजस्थान में 1 अप्रैल से कई बदलाव देखने को मिलेंगे। जहां नेशनल हाईवे पर सफर करना महंगा होगा, वहीं प्रदेश में निजी यात्री वाहनों के लिए भी सख्त नियम लागू होंगे। इसके साथ ही सरकारी अस्पतालों में ओपीडी का समय भी बदलेगा।

प्रदेश के सरकारी और प्राइवेट स्कूलों में 1 अप्रैल से नया शैक्षणिक सत्र भी शुरू होगा।

भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने जयपुर से अलग-अलग शहरों के लिए जाने वाले नेशनल हाईवे की टोल दरों में बढ़ोतरी की है। इसमें जयपुर में रिंग रोड, जयपुर-किशनगढ़, जयपुर-सीकर और जयपुर-दौसा हाईवे पर बने टोल प्लाजा शामिल हैं। ये बढ़ोतरी 1 अप्रैल से लागू होगी।

NHAI की ओर से जारी नोटिफिकेशन में जयपुर से दिल्ली जाने वाले पुराने हाईवे पर दौलतपुरा, मनोहरपुर और शाहजहांपुर टोल प्लाजा पर, जबकि जयपुर-किशनगढ़ हाईवे पर ठीकरिया, बड़गांव, रिंग रोड पर सीतारामपुरा, हिंगोनिया और जयपुर-सीकर राजमार्ग पर टाटियावास टोल बूथ पर बढ़ोतरी की गई है।

यह बढ़ोतरी 5 से लेकर 20 रुपए तक की है। रिंग रोड पर प्राइवेट के अलावा हल्के कॉमर्शियल वाहनों के लिए बढ़ोतरी नहीं की गई है। यहां केवल भारी कॉमर्शियल गाड़ियों के लिए टोल रेट में 5 से लेकर 20 रुपए तक बढ़ोतरी की गई है। NHAI ने कार के लिए बनाए जाने वाले सालाना पास की कीमतों में 75 रुपए की बढ़ोतरी की।

कारों के लिए कोई बढ़ोतरी नहीं

NHAI की तरफ से जारी नोटिफिकेशन के मुताबिक, इन सभी टोल बूथ पर कारों के लिए टोल दरों में कोई इजाफा नहीं किया गया है। ज्यादातर बढ़ोतरी कॉमर्शियल या उससे बड़े भारी वाहनों के लिए हुई है।

रणथंभौर में सफारी का समय बदलेगा

रणथंभौर (सवाई माधोपुर) के डीएफओ संजीव शर्मा ने बताया कि 1 अप्रैल से सफारी के समय में बदलाव किया जाएगा। नए समय के अनुसार, मॉर्निंग सफारी सुबह 6 से 9:30 बजे तक और इवनिंग सफारी दोपहर 3 से शाम 6:30 बजे तक संचालित होगी।

अभी सफारी का समय सुबह 6:30 से 10 बजे तक और दोपहर 2:30 से शाम 6 बजे तक निर्धारित है।

जयपुर के आमेर में हाथी सवारी के समय में बदलाव किया जाएगा। 1 अप्रैल से सवारी का समय सुबह 7 से 10:30 बजे तक ही रहेगा। अभी यह समय सुबह 7 से 11:30 बजे तक है।

प्रदेश की अदालतों का भी बदलेगा समय

राजस्थान हाईकोर्ट सहित प्रदेश के सभी न्यायालयों के समय में बदलाव किया गया है। आगामी 13 अप्रैल से अदालतों में ग्रीष्मकालीन समय-सारिणी लागू हो जाएगी। अदालती कार्यवाही सुबह 8 बजे से शुरू होगी। यह नई व्यवस्था 28 जून तक पूरे प्रदेश में प्रभावी रहेगी।

अधिसूचना के अनुसार, हाईकोर्ट में न्यायिक कार्य सुबह 8 से दोपहर 1 बजे तक चलेगा। इस बीच सुबह 10:30 से 11 बजे तक आधे घंटे का मध्यांतर (ब्रेक) रहेगा। वहीं, हाईकोर्ट के कार्यालय का समय सुबह 7:30 से दोपहर 1 बजे तक तय किया गया है, जिसमें 10:30 से 10:45 बजे तक 15 मिनट का ब्रेक दिया जाएगा।

ट्रायल कोर्ट का शेड्यूल

प्रदेश की सभी ट्रायल या अधीनस्थ अदालतों में भी सुनवाई का समय सुबह 8 से दोपहर 12:30 बजे तक निर्धारित किया गया है। इन अदालतों में सुबह 10 से 10:15 बजे तक 15 मिनट का ब्रेक रहेगा। इन अदालतों के कार्यालय का कार्य सुबह 7:30 से दोपहर 1 बजे तक संचालित होगा।

रेलवे में ये होगा बदलाव 1 अप्रैल से रेलवे यात्रियों के लिए कई अहम बदलाव लागू करने जा रहा है। इन बदलावों का असर टिकट कैंसिलेशन, रिफंड, चार्ट बनने के समय, बोर्डिंग पॉइंट बदलने और टिकट अपग्रेड जैसी सुविधाओं पर पड़ेगा।

टिकट कैंसिलेशन का समय बढ़ाया अब टिकट कैंसिल करने की समय सीमा बढ़ा दी गई है। पहले 48, 12 और 4 घंटे पहले तक कैंसिलेशन के अलग-अलग नियम थे, जिन्हें बदलकर अब 72, 24 और 8 घंटे कर दिया गया है। इसका मतलब है कि यात्रियों को अब पहले से ज्यादा समय मिलेगा, ताकि वे अपनी यात्रा की योजना बेहतर तरीके से बदल सकें।

चार्ट पहले बनेगा, वेटिंग वालों को फायदा रेलवे अब रिजर्वेशन चार्ट पहले की तुलना में ज्यादा पहले तैयार करेगा। पहले चार्ट ट्रेन के रवाना होने से 4 घंटे पहले बनता था, अब इसे 9 से 18 घंटे पहले तैयार किया जाएगा। इससे वेटिंग लिस्ट में रहने वाले यात्रियों को पहले ही स्थिति पता चल जाएगी और वे वैकल्पिक व्यवस्था कर सकेंगे।

काउंटर टिकट अब कहीं से भी रद्द होंगे अब तक काउंटर से लिए गए टिकट केवल उसी स्टेशन से रद्द किए जा सकते थे, जहां से ट्रेन शुरू होती है। नए नियम के बाद यात्री देश के किसी भी रेलवे स्टेशन से अपना काउंटर टिकट रद्द कर सकेंगे, जिससे उन्हें काफी सुविधा मिलेगी।

ई-टिकट पर TDR की जरूरत खत्म ई-टिकट रद्द करने पर अब टिकट डिपॉजिट रसीद (TDR) भरने की जरूरत नहीं होगी। कैंसिलेशन के बाद रिफंड अपने आप प्रोसेस हो जाएगा। इससे यात्रियों का समय बचेगा और प्रक्रिया आसान होगी।

चार्ट के बाद भी टिकट अपग्रेड का मौका अब यात्री ट्रेन के रवाना होने से 30 मिनट पहले तक अपनी टिकट श्रेणी अपग्रेड कर सकेंगे। पहले यह सुविधा केवल चार्ट बनने से पहले तक ही उपलब्ध थी।

बोर्डिंग पॉइंट बदलना हुआ आसान यात्री अब ट्रेन छूटने से 30 मिनट पहले तक अपना बोर्डिंग स्टेशन ऑनलाइन बदल सकेंगे। पहले यह बदलाव सिर्फ चार्ट बनने से पहले ही संभव था। नए नियम के तहत अगर कोई यात्री अपने मूल स्टेशन से ट्रेन नहीं पकड़ पाता है, तो वह आगे के किसी स्टेशन से अपनी कन्फर्म सीट के साथ यात्रा शुरू कर सकता है।

टैक्स और बैंकिंग से जुड़े 3 बड़े काम

31 मार्च की रात 12 बजे के बाद देश में टैक्स और बैंकिंग से जुड़े 3 बड़े कामों की डेडलाइन खत्म हो रही है।

1.PPF, NPS और सुकन्या खाते में डालें मिनिमम बैलेंस

पब्लिक पॉविडेंट फंड (PPF), नेशनल पेंशन स्कीम (NPS) या सुकन्या समृद्धि योजना (SSY) को चालू रखने के लिए हर साल ₹250 से ₹500 तक न्यूनतम राशि जमा करना अनिवार्य है। अगर खाता बंद हो गया तो चालू कराने के लिए पेनल्टी लगेगी और बैंक के चक्कर काटने होंगे।

2. पुरानी टैक्स रिजीम में सेविंग का मौका

पुरानी टैक्स रिजीम में टैक्स बचाने के लिए निवेश करने का 31 मार्च को आखिरी दिन है। सेक्शन 80C के तहत ₹1.5 लाख तक की छूट पाने के लिए आप PPF, लाइफ इंश्योरेंस में निवेश कर सकते हैं।

इसके अलावा, 80D के तहत हेल्थ इंश्योरेंस प्रीमियम और मेडिकल खर्चों पर 1 लाख तक की छूट मिलती है। 1 अप्रैल या उसके बाद किया गया निवेश अगले साल के खाते में गिना जाएगा।

3. सैलरी क्लास के लिए जरूरी: ऑफिस में जमा करें इन्वेस्टमेंट प्रूफ

अगर आप नौकरीपेशा हैं, तो आपको अपने ऑफिस में इन्वेस्टमेंट प्रूफ जमा करने होंगे। इसमें घर के किराए की रसीदें, बीमा प्रीमियम की रसीद, होम लोन के ब्याज का सर्टिफिकेट शामिल हैं।

अगर आप ये डॉक्यूमेंट्स समय पर नहीं देते हैं, तो कंपनी आपकी आखिरी सैलरी से ज्यादा TDS काट लेगी। इसे वापस पाने के लिए इनकम टैक्स रिटर्न भरने तक का इंतजार करना होगा।

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