अंता उपचुनाव: कांग्रेस का परचम, प्रमोद जैन भाया की बड़ी जीत

सीएम भजनलाल शर्मा की सरकार को जनता का सीधा संदेश

उर्मिला जैन भाया ने किया प्रमोद जैन भाया का विजय तिलक


पल पल राजस्थान

राजस्थान की सियासत में हलचल मचाने वाले अंता विधानसभा उपचुनाव का नतीजा कांग्रेस के पक्ष में गया है। जनता ने एक बार फिर भरोसा दिखाते हुए कांग्रेस नेता प्रमोद जैन भाया को भारी बहुमत से जीत दिलाई है। 20 राउंड की मतगणना के बाद भाया ने 15,594 वोटों के अंतर से भाजपा को पटखनी दी। चौथी बार विधानसभा पहुंच रहे भाया की यह जीत केवल व्यक्तिगत नहीं, बल्कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की सरकार के लिए एक बड़ा राजनीतिक संकेत भी मानी जा रही है। जनता ने साफ कर दिया है कि सरकार के कामकाज को लेकर उनकी नाराजगी गहराती जा रही है।

उपचुनाव में भाजपा ने पूरी ताकत झोंक दी थी। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे तक मैदान में उतरे, लेकिन भाजपा उम्मीदवार मोरपाल सुमन दूसरे स्थान पर ही रह सके। वहीं निर्दलीय नरेश मीणा तीसरे स्थान पर रहे। चुनावी माहौल में शुरू से ही यह मुकाबला सीएम सरकार के लिए एक ‘लिटमस टेस्ट’ माना जा रहा था, और नतीजों ने इसे बिल्कुल सही साबित कर दिया।

परिणाम स्पष्ट होने के साथ ही प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने औपचारिक घोषणा से पहले ही फोन कर प्रमोद जैन भाया को जीत की बधाई दी। वहीं, भाया की पत्नी उर्मिला जैन ने इसे विकास और सेवा की जीत बताया और कहा कि जनता ने भाया द्वारा किए गए कामों पर विश्वास जताया है, और यह विश्वास आगे भी कायम रखा जाएगा। चुनाव अभियान के दौरान प्रमोद जैन भाया ने बेहद सुनियोजित रणनीति अपनाई।

पिछली गलतियों से सबक लेते हुए उन्होंने व्यक्तिगत संपर्क पर जोर दिया और घर-घर पहुंचकर जनता का भरोसा जीतने की कोशिश की। उनके माइक्रो मैनेजमेंट और बूथ स्तर पर मजबूत पकड़ ने पूरे चुनाव को उनके पक्ष में मोड़ दिया। दूसरी तरफ कांग्रेस ने भी इस उपचुनाव को प्रतिष्ठा का मामला मानते हुए एकजुटता दिखाई। सचिन पायलट, अशोक गहलोत, डोटासरा, टीकाराम जूली, अशोक चांदना सहित सभी वरिष्ठ नेता प्रचार में सक्रिय रहे, जिससे न केवल कांग्रेस कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा आई, बल्कि अंता की जनता तक यह संदेश भी गया कि पार्टी पूरी तरह एकजुट है।

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