
उदयपुर में ब्लैकमेलिंग और दुष्कर्म के कथित हाई प्रोफाइल मामले ने सियासी रंग ले लिया है। नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने इस प्रकरण को लेकर भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि जल्द ही “उदयपुर फाइल्स” सामने आने वाली है, जिसमें बड़ा खुलासा होगा। जयपुर में मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि अगर किसी ने “उदयपुर फाइल्स” देखी हो तो बताए, उनके पास भी जल्द इससे जुड़े दस्तावेज आने वाले हैं और इसमें भारतीय जनता पार्टी से जुड़ा बड़ा मामला उजागर होगा।
इधर, मामले को लेकर उदयपुर कांग्रेस ने बुधवार को प्रदर्शन किया और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। राजनीतिक बयानबाजी के बीच यह मामला अब प्रदेश की राजनीति में चर्चा का विषय बन गया है।
दरअसल, एक महिला नेता ने एक अधिवक्ता पर ब्लैकमेलिंग और दुष्कर्म के गंभीर आरोप लगाए हैं। महिला का दावा है कि आरोपी ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद से उसका आपत्तिजनक वीडियो तैयार किया और उसे ब्लैकमेल किया। पुलिस के अनुसार 11 फरवरी को दर्ज कराई गई रिपोर्ट में आईटी एक्ट सहित विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। शिकायत में महिला ने बताया कि वह पिछले एक वर्ष से आरोपी अधिवक्ता के कार्यालय में जूनियर के रूप में कार्य कर रही थी और वह अक्सर उसे वकालत के काम तथा क्लाइंट्स से मिलने के लिए कार से साथ ले जाता था।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 12 फरवरी को अधिवक्ता को गिरफ्तार कर लिया। फिलहाल प्रकरण की जांच जारी है और पुलिस डिजिटल साक्ष्यों की भी पड़ताल कर रही है। वहीं, राजनीतिक बयानबाजी के चलते यह मामला अब कानूनी के साथ-साथ सियासी मोर्चे पर भी गरमा गया है।
